रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की है। पुतिन के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी लगातार संघर्ष को समाप्त करने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने की दिशा में उनके पास अच्छे विचार हैं।
पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रूस के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद यूक्रेन संघर्ष को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान तलाशने की मोदी की कोशिशों के लिए आभार भी जताया।
भारत लंबे समय से यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न मौकों पर कह चुके हैं कि युद्ध का स्थायी समाधान संवाद के जरिए ही तलाशा जाना चाहिए। भारत ने रूस और यूक्रेन, दोनों पक्षों के साथ अपने संपर्क का भी उल्लेख किया है।
सितंबर 2026 में नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात भी हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की थी। भारत की ओर से संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात दोहराई गई थी।
BRICS की नई दिल्ली घोषणा में भी अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत, परामर्श और कूटनीतिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया गया था। सदस्य देशों ने संघर्षों की रोकथाम और समाधान के लिए कूटनीतिक उपायों तथा मध्यस्थता के प्रयासों के समर्थन की बात कही।
नई दिल्ली में मोदी-पुतिन की मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर भी चर्चा की।
राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार कर लिया। सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सहमति से तय की जाएगी।
यूक्रेन संघर्ष के बीच भी भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग जारी है। वहीं भारत का सार्वजनिक रुख संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिक माध्यम बनाने का रहा है।