Indian Cricket Team: भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी भले ही शानदार प्रदर्शन कर रही हो, लेकिन T20 इंटरनेशनल में खराब फील्डिंग चिंता का विषय बनती जा रही है। साल 2026 में टीम इंडिया 32 मैचों में 55 कैच छोड़ चुकी है। कैच पकड़ने की क्षमता के मामले में भारत 12 पूर्ण सदस्य देशों में 11वें स्थान पर पहुंच गया है। पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने टीम की इस कमजोरी के पीछे की वजह भी बताई है।
कैचिंग एफिशिएंसी में भारत 11वें नंबर पर
CricViz के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में भारतीय टीम की कैचिंग एफिशिएंसी 74.4% रही है। इस सूची में भारत से नीचे केवल वेस्टइंडीज है, जिसकी कैचिंग एफिशिएंसी 73.8% दर्ज की गई।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े भी भारतीय टीम की फील्डिंग में गिरावट की ओर इशारा करते हैं।
- 2024: 80.4% कैचिंग एफिशिएंसी
- 2025: 79.8% कैचिंग एफिशिएंसी
- 2026: 74.4% कैचिंग एफिशिएंसी
कैच छूटने के आंकड़े भी टीम की परेशानी बढ़ाते हैं। साल 2024 में 26 मैचों में 33 कैच छूटे थे, जबकि 2025 में 19 मैचों के दौरान 26 मौके गंवाए गए। वहीं, 2026 में 32 मैचों में भारतीय खिलाड़ियों ने 55 कैच छोड़ दिए।
इसके उलट ऑस्ट्रेलिया की कैचिंग एफिशिएंसी 2024 के 80.2% से बढ़कर 2026 में 83% हो गई।
पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने बताई कमजोरी
भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर के मुताबिक, टीम में फील्डिंग को लेकर स्पष्ट संस्कृति और प्रतिबद्धता विकसित करने की जरूरत है।
उनका मानना है कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तरह फील्डिंग में भी तय रणनीति और नियमित अभ्यास जरूरी है। युवा खिलाड़ियों को केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर ध्यान देने के बजाय कैचिंग, थ्रोइंग और मैदान पर चुस्ती बढ़ाने के लिए भी मेहनत करनी चाहिए।
हाल ही में भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। टी. दिलीप की जगह सुभदीप घोष को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, फील्डिंग में सुधार के लिए खिलाड़ियों की व्यक्तिगत कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करना भी जरूरी होगा।
वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग पर भी चिंता
पूर्व कोच आर. श्रीधर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया है। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वैभव ने 2026 में भारत के लिए खेले आठ मैचों में दो कैच छोड़े और उनकी कैचिंग एफिशिएंसी 71.4% रही।
रिपोर्ट में एशियन गेम्स के पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले का भी जिक्र है, जहां वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा कैच लेने के प्रयास में लगभग टकरा गए थे। इसी मुकाबले में हसन नवाज का कैच छूटने के बाद उन्होंने 96 रन बनाए और भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ गईं।
श्रीधर का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए फील्डिंग का नियमित अभ्यास और व्यवस्थित ट्रेनिंग प्रोग्राम जरूरी है। कम उम्र से ही इस पहलू पर ध्यान देने से खिलाड़ियों की तकनीक और आत्मविश्वास बेहतर हो सकते हैं।
क्या खराब फील्डिंग टीम इंडिया को पड़ सकती है भारी?
T20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है। कैच छोड़ने से विपक्षी बल्लेबाज को अतिरिक्त जीवन मिलता है, जिसका फायदा उठाकर वह बड़ा स्कोर बना सकता है। ऐसे में भारतीय टीम को अपनी फील्डिंग सुधारने के लिए विशेष रणनीति और नियमित अभ्यास की जरूरत है।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ अगर टीम इंडिया अपनी फील्डिंग भी मजबूत कर लेती है, तो T20 क्रिकेट में उसका प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए आंकड़ों और बयानों पर आधारित है। मैचों, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट संबंधी विवरणों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना उचित होगा।