सुकमा। बसतर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सुकमा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। छिंदगढ़ क्षेत्र के ओलेर में पानी बढ़ने से करीब 70-80 लोगों के फंसे होने की खबर है। क्षेत्र के टापू में तब्दील होने की सूचना के बाद नगर सेना की टीम प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए रवाना हो गई है।
नदी-नाले पुल के ऊपर से बह रहे
भारी बारिश के कारण सुकमा जिले के सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं। कई नदी-नालों और पुल-पुलियाओं में जलस्तर बढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। हालांकि, फिलहाल जिले में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। सांसद महेश कश्यप ने चिंता जताते हुए बस्तर के सभी कलेक्टरों से मोबाईल पर चर्चा की और समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित
सुकमा पुलिस ने दोपहर 12.20 बजे ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों और वाहन चालकों से प्रभावित मार्गों पर यात्रा से बचने की अपील की है। सुकमा-मलकानगिरि मार्ग पर झापरा पुल के ऊपर पानी ओवरफ्लो होने से आवागमन बंद है। सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर डब्बा-टोटा पुलिया में पानी ओवरफ्लो होने से रास्ता बाधित है।
दोरनापाल-कोंटा मार्ग बंद
इसी तरह दोरनापाल-कोंटा मार्ग पर इंजराम पुलिया के ऊपर पानी आने से मार्ग अवरुद्ध है। मोटू पुलिया क्षेत्र में भी जलस्तर अधिक होने के कारण आवागमन जोखिमपूर्ण बताया गया है। पुलिस ने लोगों से तेज बहाव वाले पुल-पुलियाओं को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की है।
सुकमा नगर में प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सुकमा नगर में प्रशासन ने भी राहत एवं बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कन्या शाला में राहत व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित वार्डों के लोगों के साथ-साथ बारिश के कारण रास्ते में फंसे यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था भी यहां की गई है।
राहत केंद्र में तैनात किए गए कर्मचारी
राहत केंद्र में भोजन, पेयजल और आवास की व्यवस्था संभालने के लिए करीब आधा दर्जन कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर जिले में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अफवाहों से बचने की भी सलाह
संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
आपातकालीन संपर्क — जिला पुलिस कंट्रोल रूम सुकमा: 9479191300