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TCS के मुनाफे में 14.9% की उछाल, शेयर 5% चढ़ा; Nomura को 27% तेजी की उम्मीद, Citi ने दी गिरावट की चेतावनी

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टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 5% तक उछल गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.9% बढ़कर ₹13,884 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू में 11% की वृद्धि के साथ यह ₹73,188 करोड़ पर पहुंच गया।

TCS के शेयर में 5% तक की तेजी

दिए गए कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, NSE पर TCS का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में ₹2,076 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को यह ₹2,086 पर खुला और सुबह करीब 10 बजे 5.08% की बढ़त के साथ ₹2,181.40 पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों अनुमान से बेहतर

TCS ने 8 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹13,884 करोड़ और रेवेन्यू ₹73,188 करोड़ हो गया। बाजार को करीब ₹73,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹13,700 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी। दोनों आंकड़ों में कंपनी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया।

Porsche और Best Buy के साथ डील से मिला सहारा

कंपनी के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग और प्रमुख ग्राहकों के साथ हुए समझौतों से समर्थन मिला। रिपोर्ट के अनुसार, Porsche और Best Buy के साथ हुई डील तथा विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों के प्रदर्शन ने नतीजों को मजबूती दी।

Nomura को 27% तेजी की उम्मीद, Citi ने जताई गिरावट की आशंका

TCS के शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की राय अलग-अलग है। Nomura के आकलन के मुताबिक, शेयर में मौजूदा स्तर से करीब 27% तक तेजी की संभावना है। वहीं, Citi के अनुमान में शेयर करीब 11.4% तक गिर सकता है।

इन अनुमानों से स्पष्ट है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और आईटी सेक्टर की संभावनाओं को लेकर विश्लेषकों की राय एक जैसी नहीं है। ब्रोकरेज के लक्ष्य अनुमान हैं, शेयर के वास्तविक प्रदर्शन की गारंटी नहीं।

ग्रीन कार्ड से जुड़ी खबरों के बीच आईटी शेयरों में तेजी

अमेरिका के ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से जुड़ी खबरों के बीच भी आईटी शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। हालांकि, शुरुआती कारोबार की तेजी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अमेरिकी नीतियों का भारतीय आईटी कंपनियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अमेरिकी बाजार की मांग, कर्मचारियों की उपलब्धता, लागत और ग्राहकों के खर्च जैसे कारक इस क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

TCS के बेहतर तिमाही नतीजों ने शेयर को शुरुआती कारोबार में मजबूती दी है। हालांकि, ब्रोकरेज अनुमानों में बड़ा अंतर भविष्य की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता भी दर्शाता है। निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक नतीजों, मौजूदा शेयर मूल्य, कारोबारी प्रदर्शन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करने के बाद ही निवेश संबंधी फैसला लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।

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