Knee Pain in Young Adults: घुटनों में दर्द की समस्या अब केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं रह गई है। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहना, बढ़ता वजन और गलत तरीके से एक्सरसाइज करना कम उम्र के लोगों में भी घुटनों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। हालांकि, घुटनों में दर्द के पीछे चोट, मांसपेशियों की कमजोरी और जोड़ों से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में दर्द का सही कारण पहचानना जरूरी है।
घुटनों में दर्द होने की 5 प्रमुख वजहें
1. लंबे समय तक बैठकर काम करना
ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठना या लगातार मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना शारीरिक गतिविधि को कम कर सकता है। इससे घुटनों को सहारा देने वाली जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों की ताकत प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक घुटने मोड़कर बैठने के बाद उठते समय अकड़न या असहजता भी महसूस हो सकती है।
2. अचानक भारी वर्कआउट शुरू करना
फिट रहने के लिए जिम जाना और नियमित एक्सरसाइज करना फायदेमंद है, लेकिन बिना तैयारी के भारी वजन उठाना, तेज दौड़ना या जरूरत से ज्यादा स्क्वाट करना घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए वर्कआउट की शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार करें और धीरे-धीरे उसकी तीव्रता बढ़ाएं।
3. शरीर का वजन बढ़ना
शरीर का अतिरिक्त वजन घुटनों पर दबाव बढ़ा सकता है। चलने, सीढ़ियां चढ़ने और कुर्सी से उठने जैसी सामान्य गतिविधियों में भी घुटनों को शरीर का भार संभालना पड़ता है। संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखना जोड़ों की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है।
4. गलत तकनीक से एक्सरसाइज करना
व्यायाम के दौरान गलत पोश्चर, पर्याप्त वार्मअप न करना या शरीर की क्षमता से ज्यादा जोर लगाना चोट का कारण बन सकता है। खेलते समय अचानक दिशा बदलने या गलत तरीके से पैर रखने पर भी घुटनों के लिगामेंट और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। एक्सरसाइज करते समय सही तकनीक अपनाएं और दर्द को नजरअंदाज न करें।
5. शारीरिक गतिविधि की कमी
दिन का ज्यादातर समय बैठे हुए बिताने से मांसपेशियों की ताकत और लचीलेपन पर असर पड़ सकता है। घुटनों को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए नियमित वॉक, हल्की एक्सरसाइज और अपनी क्षमता के अनुसार कम प्रभाव वाली शारीरिक गतिविधियां अपनाई जा सकती हैं।
घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
- लगातार लंबे समय तक बैठने से बचें और बीच-बीच में थोड़ा टहलें।
- एक्सरसाइज धीरे-धीरे शुरू करें और शरीर को पर्याप्त समय दें।
- वर्कआउट से पहले वार्मअप करें और सही तकनीक अपनाएं।
- संतुलित आहार लें और स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
- घुटनों में दर्द होने पर ऐसी गतिविधियों से बचें जिनसे दर्द बढ़ता हो।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर घुटनों में दर्द लगातार बना रहता है, बार-बार होता है या रोजमर्रा के काम प्रभावित करता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। चोट के बाद तेज दर्द, अधिक सूजन, घुटने पर वजन न रख पाने या उसे हिलाने में कठिनाई होने पर जल्द चिकित्सा सहायता लें।
ध्यान रखें: घुटनों के दर्द को केवल उम्र या लाइफस्टाइल से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। सही कारण की पहचान और समय पर उचित उपचार से परेशानी को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।