Meta Pixel

नवा रायपुर में बन रहा टेक इकोसिस्टम:इंटेल-USA के साथ ट्रिपलआईटी ने बनाया सेमीकंडक्टर का सिलेबस, AI के 5 एक्सीलेंस सेंटर बनेंगे

Spread the love

नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर, AI डेटा सेंटर और इन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन-तीनों पर काम शुरू हो गया है। सेक्टर-22 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयों के लिए आधार तैयार हो रहा है। इसी क्षेत्र में AI डेटा सेंटर बन रहा है। दूसरी ओर IIIT और NIT को AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया गया है। आगे ऐसे 5 सेंटर बनेंगे। IIIT ने इंटेल के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर का सिलेबस तैयार किया। पिछले सेमेस्टर में इंटेल अमेरिका के चीफ इंजीनियर ने छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया। यानी पहले से युवाओं को तैयार करने की कोशिश है। इन तीन प्वाइंट्स से समझें अभी की स्थिति…

10.13 हेक्टेयर में सेमीकंडक्टर जोन

नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का विशेष क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। केंद्र ने जुलाई 2026 में इसकी अधिसूचना जारी की। यह पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा क्षेत्र है, जहां गैलियम नाइट्राइड सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड पैकेजिंग से संबंधित काम प्रस्तावित है। सेक्टर-22 में करीब 120 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) भी है। यहीं ₹108.43 करोड़ का कॉमन फैसिलिटी सेंटर बन रहा है। इसमें PCB निर्माण, जांच और गुणवत्ता परीक्षण की सुविधाएं होंगी।

1000 करोड़ का AI डेटा सेंटर

सेक्टर-22 में रैकबैंक AI डेटा सेंटर बनेगा। 2025 में 2.70 हेक्टेयर के विशेष आर्थिक क्षेत्र को मंजूरी मिली थी। इसका क्षेत्र बढ़ाकर 5.41 हेक्टेयर कर दिया गया। शुरुआत में ₹1,000 करोड़ निवेश, 80 मेगावाट क्षमता और 1 लाख से GPU की योजना है। यह डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में डेटा स्टोरेज के साथ दूसरे डिजिटल कामों के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध करा सकेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए जरूरी स्किल तैयार करने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। ‘मेक इन सिलिकॉन’ कार्यक्रम के बाद इंटेल के साथ व्यावहारिक पाठ्यक्रम तैयार किया गया। जनवरी से जुलाई तक चले पिछले सेमेस्टर में इंटेल अमेरिका के चीफ इंजीनियर ने छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया। फोकस सेमीकंडक्टर से जुड़े काम की व्यावहारिक समझ देने पर रहा। कंपनियां अगले 4-5 साल की अपनी स्किल जरूरत बताएं तो संस्थान उसी अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण तैयार कर सकते हैं।

चुनौती: असेंबली से आगे चिप निर्माण और रिसर्च तक जाना होगा: नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर से जुड़ी मौजूदा गतिविधियां मुख्य रूप से PCB फैब्रिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट की असेंबली और माउंटिंग तक सीमित हैं। सिलिकॉन वेफर के लिए जरूरी सब्सट्रेट और कोर चिप मैन्युफैक्चरिंग अभी शुरू नहीं हुई है। दूसरी चुनौती रिसर्च एंड डेवलपमेंट में निवेश की है। श्रीनिवास केजी,डीन, ट्रिपलआईटी नवा रायपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *