फिल्म की डबिंग AI से नहीं, असली कलाकारों ने की रिकॉर्ड; अलग-अलग भाषाओं में लिप-सिंक बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल हुई तकनीक
Ramayana Movie: रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। फिल्म के ट्रेलर और गानों में कलाकारों की आवाजों को लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की चर्चा शुरू हुई थी। अब निर्देशक नितेश तिवारी ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए बताया है कि फिल्म में AI का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया है।
नितेश तिवारी के मुताबिक, फिल्म में AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से अलग-अलग भाषाओं में लिप-सिंक को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डबिंग के लिए AI से आवाजें तैयार नहीं की गई हैं, बल्कि संवादों की रिकॉर्डिंग वास्तविक डबिंग कलाकारों ने की है।
‘रामायण’ में AI का इस्तेमाल क्यों किया गया?
लॉस एंजिल्स में फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान नितेश तिवारी ने बताया कि फिल्म को दुनियाभर के दर्शकों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाने के लिए लिप-सिंक तकनीक की मदद ली जा रही है।
इस तकनीक का उद्देश्य यह है कि जब दर्शक फिल्म को हिंदी के अलावा किसी दूसरी भाषा में देखें, तो पर्दे पर दिखाई देने वाले कलाकारों के होंठ उस भाषा में बोले जा रहे संवादों के साथ बेहतर तालमेल में नजर आएं।
निर्देशक के अनुसार, AI का इस्तेमाल लिप मूवमेंट को संवादों के अनुरूप ढालने के लिए किया जा रहा है। वहीं, अलग-अलग भाषाओं में संवादों की आवाज वास्तविक कलाकारों द्वारा रिकॉर्ड की गई है।
क्या फिल्म की आवाजें भी AI से बनाई गई हैं?
फिल्म को लेकर उठ रहे सवालों में सबसे अहम मुद्दा कलाकारों की आवाजों का है। इस पर नितेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि डबिंग में AI का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
उनके मुताबिक, फिल्म के संवादों को डबिंग कलाकारों ने अपनी आवाज में रिकॉर्ड किया है। AI की भूमिका केवल लिप-सिंक को बेहतर बनाने तक सीमित है, ताकि अलग-अलग भाषाओं में फिल्म देखते समय दर्शकों को अधिक सहज अनुभव मिल सके।
इस स्पष्टीकरण के बाद फिल्म में AI के इस्तेमाल को लेकर चल रही चर्चाओं का एक अहम पहलू स्पष्ट हुआ है। हालांकि, फिल्म के अन्य तकनीकी पहलुओं में AI के इस्तेमाल को लेकर कोई व्यापक जानकारी यहां सामने नहीं आई है।
कई भाषाओं में रिलीज होगी ‘रामायण’
फिल्म निर्माताओं की योजना ‘रामायण’ को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की है। अलग-अलग भाषाओं में फिल्म पेश करने के लिए डबिंग और लिप-सिंक जैसी तकनीकों की मदद ली जा रही है।
आमतौर पर किसी फिल्म को दूसरी भाषा में डब करते समय मूल संवादों की जगह नई भाषा में रिकॉर्ड की गई आवाज का इस्तेमाल होता है। ऐसे में होंठों की गतिविधियों और नए संवादों के बीच अंतर दिखाई दे सकता है। AI आधारित लिप-सिंक तकनीक इस अंतर को कम करने में मदद कर सकती है।
इससे दर्शकों को अपनी भाषा में फिल्म देखते समय कहानी और पात्रों से जुड़ने का बेहतर अनुभव मिल सकता है।
रणबीर कपूर बनेंगे भगवान राम, यश निभाएंगे रावण की भूमिका
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे। साई पल्लवी माता सीता और यश रावण का किरदार निभा रहे हैं। वहीं, सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे।
फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दिवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है, जबकि दूसरे भाग को दिवाली 2027 पर लाने की तैयारी है।
तकनीक और पौराणिक कथा का संगम
‘रामायण’ को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी केवल इसकी स्टारकास्ट और भव्य प्रस्तुति तक सीमित नहीं है। फिल्म में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी नजर बनी हुई है। AI आधारित लिप-सिंक के जरिए अलग-अलग भाषाओं में फिल्म पेश करने की कोशिश इसी दिशा में एक कदम है।
निर्देशक के स्पष्टीकरण के अनुसार, फिल्म की डबिंग वास्तविक कलाकारों ने की है, जबकि AI का उपयोग संवादों के अनुरूप होंठों की गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।