उत्तर भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। हालिया मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, 29 सितंबर 2026 को IMD के उपलब्ध उप-विभागीय बुलेटिन में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, हरियाणा-दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी, इसलिए इन क्षेत्रों को लेकर स्थानीय परिस्थितियों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है।
उत्तराखंड में बारिश और पहाड़ी इलाकों में असर
उत्तराखंड में हाल के दिनों में बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और यात्रा मार्गों पर व्यवधान की स्थिति बनी थी। IMD के अनुसार 27 सितंबर को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।
केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने के कारण यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना पड़ा। हालांकि 29 सितंबर के IMD बुलेटिन में राज्य के लिए कोई सक्रिय चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
हिमाचल में ऊंचाई वाले इलाकों पर मौसम की नजर
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में बदलाव का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और ठंड की स्थिति से सड़क यातायात तथा स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
हालांकि, 29 सितंबर को जारी IMD के उप-विभागीय चेतावनी बुलेटिन में हिमाचल प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
बिहार में बारिश से नदियों के जलस्तर पर नजर
बिहार में नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंडक, कोसी और बागमती जैसी नदियों के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
ऐसे क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता और नदियों के जलस्तर में बदलाव के आधार पर स्थिति तेजी से बदल सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम बदला
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम परिवर्तन का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि 29 सितंबर के उपलब्ध IMD बुलेटिन में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई सक्रिय चेतावनी नहीं दी गई है।
दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में तापमान में बदलाव
मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लिए 29 सितंबर को जारी IMD चेतावनी में फिलहाल कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
मौसम को लेकर आगे क्या?
IMD के ताजा उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उत्तर भारत के इन राज्यों में 29 सितंबर को कोई व्यापक सक्रिय चेतावनी नहीं है, जबकि हाल के दिनों में बारिश और मौसम प्रणालियों के कारण कई इलाकों में मौसम प्रभावित हुआ था। इसलिए पुराने अलर्ट और मौजूदा पूर्वानुमान को अलग-अलग समझना जरूरी है।