मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 400 अंक से अधिक टूटकर 72,371 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी भी 22,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बड़े शेयरों में बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों का सेंटीमेंट दबाव में नजर आया।
सुबह करीब 9:26 बजे सेंसेक्स 72,371.25 अंक पर कारोबार कर रहा था और इसमें 400.47 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 22,658.75 अंक पर था, जो पिछले बंद के मुकाबले 121.50 अंक नीचे था।
HDFC Bank और Reliance ने बढ़ाया दबाव
बाजार की गिरावट में HDFC Bank और Reliance Industries जैसे बड़े शेयरों की कमजोरी का भी असर देखने को मिला। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,700 का स्तर महत्वपूर्ण है।
अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे कमजोरी बनाए रखता है, तो तकनीकी तौर पर 22,400 के आसपास का स्तर अगला महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकता है। हालांकि, यह बाजार का तकनीकी अनुमान है, निश्चित दिशा का संकेत नहीं।
कच्चा तेल 106-107 डॉलर के करीब
बाजार पर दबाव की एक प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव भी बताया जा रहा है। अमेरिका और ईरान से जुड़े तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत 106-107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने की खबर है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आयात बिल, कंपनियों की लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
FII की बिकवाली से भी दबाव
घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार निकासी भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को भी उभरते बाजारों के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
22,650-22,700 पर बाजार की नजर
LKP Securities के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,650-22,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट जोन के रूप में महत्वपूर्ण है।
उनके मुताबिक, यदि निफ्टी इस क्षेत्र के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो शॉर्ट टर्म में करेक्शन और गहरा हो सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस सपोर्ट जोन पर बनी रहेगी।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख
भारतीय बाजार के अलावा एशिया के प्रमुख बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निक्केई फ्यूचर्स और टॉपिक्स में कमजोरी रही, जबकि हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट भी दबाव में रहे।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और यूरोप के Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार के लिए अब ये फैक्टर अहम
आने वाले कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, FII की खरीद-बिक्री, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, वैश्विक तनाव और निफ्टी के 22,650-22,700 सपोर्ट जोन पर रहेगी।