पूरन वर्मा / तिल्दा नेवरा के बैकुंठ किरना कुंदरू ओवर ब्रिज का 1 अप्रैल 2026 को उद्घाटित किए गए थे ओवरब्रिज की सड़क अभी से धंसने की स्थिति सामने आने लगी है आप तस्वीर में देख सकते हैं कि सड़क के एक हिस्से में गड्ढेनुमा स्थान पर रेत-मुरुम डालकर मरम्मत का काम किया जाता दिखाई दे रहा है स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों की लागत से तैयार किए गए ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं ओवरब्रिज के उद्घाटन को अभी ज्यादा समय भी नहीं बीता है और सड़क की सतह पर जगह-जगह खराबी नजर आने लगी है जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वहां फिलहाल मजदूरों द्वारा रेत-मटेरियल डालकर उसे समतल करने का प्रयास किया जा रहा है इससे लोगों में यह चर्चा है कि क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों का सही तरीके से पालन किया गया था? स्थानीय लोगों का कहना है कि नए बने ओवरब्रिज पर इतनी जल्दी सड़क का धंसना गंभीर चिंता का विषय है उनका आरोप है कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के बजाय फिलहाल ‘थूक-पॉलिश’ कर लीपापोती की जा रही है यदि समय रहते इसकी तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में समस्या और गंभीर हो सकती है।

जांच की मांग लोगों ने संबंधित विभाग से ओवरब्रिज की सड़क की तकनीकी जांच, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच और धंसने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि निर्माण में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए सवाल यह है कि जिस ओवरब्रिज का उद्घाटन 1 अप्रैल 2026 को हुआ, उसकी सड़क कुछ ही महीनों में मरम्मत की स्थिति में क्यों पहुंच गई? संबंधित विभाग की जांच के बाद ही इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी इस विषय में सुपरवाइजर महेश मरकाम ने कहाँ की मैं सुपरवाइजर का कार्य करता हूँ इसके विषय में मैं कुछ नही कह सकता।