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गांजा तस्करों से कथित वसूली कर बनाई ₹1.03 करोड़ की संपत्ति! बर्खास्त GRP आरक्षक के खिलाफ ACB की चार्जशीट

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बिलासपुर में पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, ₹86.76 लाख की आय के मुकाबले ₹1.90 करोड़ से अधिक खर्च और निवेश का दावा

छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी और पुलिस विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। GRP के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाइन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की है। जांच के मुताबिक, उसकी ज्ञात आय और खर्च व निवेश के बीच करीब ₹1.03 करोड़ का अंतर पाया गया है।

ACB के अनुसार, आरोपी की कुल आय लगभग ₹86.76 लाख आंकी गई, जबकि उसके खर्च और निवेश का आंकड़ा ₹1.90 करोड़ से अधिक मिला। इस तरह आय से ₹1,03,33,033.50 अधिक व्यय का हिसाब सामने आया है। अब इस मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी।

ट्रेनों में गांजा तस्करों से सांठगांठ का आरोप

लक्ष्मण गाइन पर आरोप है कि बिलासपुर GRP में तैनाती के दौरान उसने अपने कुछ साथी आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करी के मामलों में अवैध गतिविधियां कीं। आरोपों के मुताबिक, तस्करों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय गांजा अपने कब्जे में रखने और उन्हें छोड़ने के बदले रकम वसूलने का काम किया गया।

वसूली की रकम आपस में बांटने का आरोप भी लगाया गया है। मामला उजागर होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गांजा तस्करी से जुड़े प्रकरण में NDPS एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।

एंटी क्राइम यूनिट में मिली जिम्मेदारी का कथित दुरुपयोग

मामले में आरक्षक संतोष राठौर, मन्नू प्रजापति, सौरभ नागवंशी और लक्ष्मण गाइन के नाम सामने आए थे। ये पुलिसकर्मी एंटी क्राइम यूनिट में तैनात थे और उन्हें गांजा, नशीली गोलियों, शराब तथा अवैध हथियारों की तस्करी पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

आरोप है कि कार्रवाई के लिए मिले अधिकारों और कार्यक्षेत्र का कथित दुरुपयोग कर कुछ पुलिसकर्मियों ने तस्करों से सांठगांठ की। बताया गया कि टीम के सदस्य रायगढ़ से रायपुर और राजनांदगांव तक जाकर कार्रवाई करते थे। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे।

लग्जरी मकान, कार और महंगी बाइक भी जांच के दायरे में

इस मामले में पहले भी पुलिस कार्रवाई के दौरान बर्खास्त आरक्षकों से जुड़ी संपत्तियों की जांच की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके नाम और रिश्तेदारों के नाम पर मकान, कार तथा महंगी बाइक जैसी संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई थी।

इन्हीं संपत्तियों और कथित अवैध कमाई को लेकर आय से अधिक संपत्ति की जांच ACB को सौंपी गई। जांच के सिलसिले में 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।

ACB की जांच में सामने आए ये आंकड़े

ACB की जांच के अनुसार, आरोपी की आय, खर्च और निवेश का विवरण इस प्रकार है:

  • कुल आय: ₹86,76,270
  • कुल खर्च और निवेश: ₹1,90,09,303.50
  • आय से अधिक व्यय: ₹1,03,33,033.50
  • आय से अधिक व्यय का अनुपात: लगभग 119 प्रतिशत

जांच एजेंसी ने वित्तीय दस्तावेजों और वेतन से संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की सुनवाई होगी।

19 नवंबर 2024 को पुलिस सेवा से हुआ था बर्खास्त

गांजा तस्करी के आरोपियों से कथित सांठगांठ और अवैध वसूली के मामले में विभागीय कार्रवाई के बाद लक्ष्मण गाइन को 19 नवंबर 2024 को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में ACB की चार्जशीट के बाद प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

बड़ा सवाल: जिन पुलिसकर्मियों पर नशे के कारोबार पर रोक लगाने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं पर कथित तौर पर तस्करों से सांठगांठ और अवैध कमाई के आरोप कैसे लगे? इस मामले की आगे की सुनवाई और अदालत का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

गांजा तस्करी में वसूली के आरोप में आरक्षक मन्नू प्रजापति, सौरभ नागवंशी और लक्ष्मण गाइन बर्खास्त हुए थे।

गांजा तस्करी में वसूली के आरोप में आरक्षक मन्नू प्रजापति, सौरभ नागवंशी और लक्ष्मण गाइन बर्खास्त हुए थे।

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