Meta Pixel

छत्तीसगढ़ से 20 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून : ​​​​​​​बदलेगी हवा की दिशा, फिर पड़ेगी ठंड; लेकिन अभी चढ़ा पारा बढ़ाएगी बेचैनी…!!

Spread the love

छत्तीसगढ़ में अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते से मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदेश से मानसून की वापसी आमतौर पर 20 से 25 अक्टूबर के बीच होती है। इस साल भी 20 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। मानसून की विदाई के साथ ही हवा की दिशा बदलेगी और उत्तर पूर्वी हवा की एंट्री के साथ अक्टूबर महीने के अंतिम दिनों में तापमान में गिरावट का दौरा जारी होगा और रात में ठंड बढ़ेगी। फिलहाल पिछले कुछ दिनों से बारिश पर ब्रेक लगने से दिन का पारा चढ़ा हुआ है, इस वजह से गर्मी और उमस बेचैन कर रही है।

हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 दिन बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है। आज बस्तर संभाग के जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

बिलासपुर में बुधवार को सबसे ज्यादा बरसा पानी

बुधवार को बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश में मानसून की सक्रियता सामान्य से कम रही। बिलासपुर में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। सकरी और बस्तर संभाग के जिलों में 20 मिमी पानी बरसा।

रायपुर में दिन का तापमान 3 डिग्री ज्यादा

प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 35.8°C रायपुर के माना में रिकॉर्ड किया गया। वहीं रायपुर में दिन का तापमान 35.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था। बस्तर संभाग के अलावा बाकी जगह आज मौसम ड्राई रहेगा।रायपुर में आज धूप-छांव वाला मौसम रहेगा अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

अक्टूबर के पहले सप्ताह में मिला-जुला मौसम

बस्तर, बिलासपुर, सरगुजा संभाग के कुछ जिलों को छोड़कर सप्ताह भर प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। लौटते मानसून से एक-दो बार बारिश होती है। मानसून की विदाई के बाद नमी और बारिश की संभावना लगभग खत्म हो जाती है अक्टूबर के पूरे महीने दिन का तापमान औसत से थोड़ा अधिक रहता है। वहीं रात में पारा सामान्य से कम रहता है।

जून से सितंबर तक ही मानसून सीजन

मौसम विभाग के मुताबिक जून से सितंबर चार महीने ही मानसून सीजन माना जाता है। इसी महीने में ही सबसे ज्यादा बारिश होती है। अक्टूबर में बारिश नहीं होती या फिर कम होती है। इसलिए सीजन की गणना में जून से सितंबर माह को ही लिया जाता है।

मानसून का लौटना हवा का रुख बदलना है

मानसून का लौटना हवा का रुख बदलना है। दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी समुद्र से आने वाली हवा चार महीने तक प्रभावी रहती है। इसलिए इसे दक्षिण-पश्चिम मानसून कहा जाता है। अक्टूबर से हवा की दिशा उत्तर और उत्तर-पूर्वी होने लगती है। इसे उत्तर-पूर्वी मानसून कहा जाता है। हालांकि उत्तर-पूर्वी मानसून से दक्षिण-पूर्वी और कुछ पूर्वी भारत में बारिश होती है। शेष भारत में शुष्क हवा का प्रभाव रहता है। उत्तरी हवा से ठंड बढ़ने लगती है।

अधिकतर शहरों में औसत से ज्यादा चढ़ा पारा

बिलासपुर में दिन का तापमान 33.8 डिग्री रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। अंबिकापुर में 32.8 डिग्री टेंपरेचर रहा जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक था। जगदलपुर में दिन पारा 31.9 डिग्री रहा। वहीं दुर्ग, राजनांदगांव में 32.8 टेंपरेचर रिकॉर्ड किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *