कटघोरा पुलिस और साइबर सेल ने फर्जी मोबाइल सिम जारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फिंगर स्कैनर की मदद से फर्जी सिम कार्ड तैयार कर साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेचते थे।
कैसे चलता था फर्जीवाड़ा?
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य मोबाइल सिम विक्रेता और एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। वे फिंगर स्कैनर का दुरुपयोग कर एक ही व्यक्ति के फिंगरप्रिंट को तीन-चार बार स्कैन कर कई सिम कार्ड जारी कर लेते थे। इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य अपराधों में किया जा रहा था।
पुलिस की सतर्कता से हुआ खुलासा
कटघोरा थाना क्षेत्र में मोबाइल सिम विक्रेताओं की जांच के दौरान यह बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लिंक और अवैध सिम कार्डों के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है।
एसपी का बयान
पुलिस अधीक्षक ने कहा, “फर्जी सिम कार्ड के जरिये साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा था। हमारी टीम ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। आगे भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।”
अब आगे क्या?
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और पूछताछ जारी।
फर्जी सिम कार्डों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किन अपराधों में इनका इस्तेमाल हुआ।
इस मामले से जुड़े अन्य नेटवर्क और साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
सतर्क रहें, जागरूक बनें!
पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और अनजान लोगों को अपने दस्तावेज देने से बचने की अपील की है। यदि आपको किसी संदिग्ध सिम कार्ड बिक्री या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।