मंदिरों के ज्योति कक्ष में जले आस्था के दीप:120 किलोमीटर पैदल चलकर डोंगरगढ़ पहुंच रहे भक्त, बनाया गया कॉरिडोर

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आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है। सभी मंदिरों के ज्योति कक्ष में आस्था के दीप जल गए हैं। मातारानी के साथ-साथ ज्योति कलश के दर्शन करने भी लोग पहुंच रहे हैं। आस्था के सबसे बड़े केंद्र डोंगरगढ़ माता के दर्शन करने भक्त 120 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर जा रहे हैं। उनके लिए विशेष रूप से कॉरिडोर का निर्माण किया गया है।

दुर्ग पुलिस और जिला प्रशासन के मुताबिक, डोंगरगढ़ माता रानी के दर्शन करने हर साल नवरात्रि में भक्तों की काफी भीड़ लगती है। लाखों की संख्या में भक्त रायपुर के आगे, पाटन अमलेश्वर और दूसरे जिलों से पैदल चलकर डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। ये लोग 120 किलोमीटर से भी अधिक चलते हैं और माता के दरबार पहुंचते हैं।

इन भक्तों को पैदल चलने में कोई दिक्कत ना हो और किसी तरह की दुर्घटना ना हो इसके लिए दुर्ग जिला प्रशासन ने कुम्हारी से अंजोरा बाईपास तक कॉरिडोर का निर्माण किया है। यातायात पुलिस दुर्ग ने भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपील की है कि, वो अपने बाएं साइड ही चलें। साथ ही मुख्य मार्ग पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें।

इस तरह किए गए सुरक्षा के उपाय

दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि, दर्शन के लिए डोगरगढ़ जाने वाले पदयात्रियों और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक एएसपी ऋचा मिश्रा ने कुम्हारी से अंजोरा बाईपास तक सुरक्षित कॉरिडोर रूट तैयार कराया है। इनकी सुरक्षा के लिए 4 पेट्रोलिंग वाहन लगाए गए हैं। ये वाहन लगातार 24 घंटे 30 मार्च से 6 अप्रैल तक पेट्रोलिंग करेंगे।

पदयात्रियों के लिए बनाया गया रूट चार्ट

कुम्हारी टोल प्लाजा-सिरसा गेट चौक-डबरापारा तिराहा-खुर्सीपार, तिराहा-पावर हाउस अंडर ब्रिज-मुर्गा चौक-सेन्ट्रल एवेन्यु चौक होते हुए सेक्टर-09 चौक से MD बांग्ला तिराहा से ठगड़ा बांध ओवर ब्रिज के नीचे-जेल तिराहा-गांधी तिराहा-पटेल चौक-गंजपारा-पुलगांव चौक-शिवनाथ नदी ब्रिज-अंजोरा बाईपास से राजनांदगांव से होते हुए डोगरगढ़ जाएंगे।

दर्शन के लिए जाने वाले पदयात्रियों से अपील

  • पदयात्री अपने बैग में रेडियम स्टिकर लगाकर चले और रिफ्लेक्टिव कपड़े पहने। डार्क कलर के कपड़े ना पहनें। इससे वाहन चालक को आप आसानी से दिखाई दे सकेंगे।
  • सड़क के एकदम किनारे बांये ओर चलें। वाहनों के चलने वाली सड़क पर ना चलें। इससे आप दुर्घटना से बच सकेंगे।
  • देर रात यात्रा प्रारंभ करने से बचें।
  • प्रशासन की तरफ से निर्धारित पदयात्रा मार्ग पर ही चलें।
  • पदयात्रा के दौरान सड़क पर विश्राम ना करें।
  • पदयात्रा मार्ग पर बांये ओर वाहन चल रहे होगें। इसलिए सचेत और चौकन्ना होकर पदयात्रा करें।
  • हाईवे पर सर्विस लेन का प्रयोग करें।
  • बायपास मार्ग का प्रयोग न करें।

दर्शन के लिए जाने वाले वाहन चालकों से अपील

  • देर रात यात्रा करने के बचें।
  • अधूरी नींद (अनिंद्रता) में वाहन ना चलायें।
  • वाहन में क्षमता से अधिक सवारी ना बैठायें।
  • शराब व किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन ना चलाये।
  • सड़क पर वाहन पार्क ना करें।
  • कुम्हारी से डोगरगढ़ तक वाहनों का रूट निर्धारित किया गया है अतः निर्धारित डायवर्सन मार्ग का प्रयोग करें।
  • रात्रि के समय वाहन लोबीम (डिपर) पर चलायें।
  • पदयात्री थके होने के कारण कई बार असुरक्षित हो जाते है अतः आप सतर्कतापूर्वक वाहन चलायें।
  • माल वाहन में सवारी न बैठाये।

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