AI से स्वास्थ्य सलाह लेना क्यों खतरनाक हो सकता है
आजकल हर कोई इंटरनेट और AI टूल्स जैसे ChatGPT से सवाल पूछकर जवाब पाता है। लेकिन क्या ये टूल्स हेल्थ एडवाइज देने के लिए भरोसेमंद हैं?
जवाब है – नहीं, बिल्कुल नहीं!
अमेरिका में हाल ही में हुई एक घटना इसका सबूत है:
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60 साल के शख्स ने ChatGPT से नमक का विकल्प पूछा।
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AI ने “ब्रोमाइड” का नाम बताया (जो इंडस्ट्रियल केमिकल है)।
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शख्स ने इसे रोज नमक की जगह इस्तेमाल करना शुरू किया।
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नतीजा: ब्रोमाइड पॉइजनिंग, अस्पताल में भर्ती, मतिभ्रम और पैरानॉइया जैसी मानसिक समस्याएँ।
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खून में ब्रोमाइड लेवल 1700 mg/L (नॉर्मल से कई गुना) पहुंच गया।
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3 हफ्तों के इलाज के बाद वह ठीक हुआ।
यह घटना Annals of Internal Medicine Clinical Cases में प्रकाशित हुई।
❌ AI क्यों नहीं समझ सकता आपकी हेल्थ प्रॉब्लम?
डॉ. अजय नायर, सीनियर कंसल्टेंट, नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल:
“AI टूल्स डेटा के आधार पर सामान्य जानकारी देते हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं। वे आपकी पर्सनल कंडीशन, मेडिकल हिस्ट्री या दवाओं का असर नहीं समझते। गलतफहमी जानलेवा हो सकती है।”
हेल्थ मिसइनफॉर्मेशन क्या है?
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गलत या भ्रामक स्वास्थ्य जानकारी, जैसे:
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“यह जड़ी-बूटी कैंसर ठीक कर देगी।”
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सोशल मीडिया और ब्लॉग्स पर यह तेज़ी से फैलती है।
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लोग भावनाओं (डर, उम्मीद, झटपट इलाज) पर भरोसा करके इसे मान लेते हैं।
इन जगहों से हेल्थ टिप्स न लें:
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सोशल मीडिया वायरल पोस्ट्स
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बिना एक्सपर्ट्स के पर्सनल ब्लॉग्स
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AI चैटबॉट्स (ChatGPT, GrokAI आदि)
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प्रोडक्ट सेलिंग वेबसाइट्स
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टेस्टिमोनियल्स (किसी का अनुभव सबके लिए सही नहीं होता)
✅ हेल्थ इंफॉर्मेशन कहां से लें?
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सरकारी साइट्स: MOHFW, WHO, CDC
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मेडिकल ऑर्गनाइजेशन: अपोलो, मेयो क्लिनिक, IMA
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रिसर्च जर्नल्स: The Lancet, NEJM
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डॉक्टर से डायरेक्ट सलाह
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Medline Plus, NIH जैसी अपडेटेड साइट्स
वेबसाइट की विश्वसनीयता चेकलिस्ट:
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URL देखें (.gov/.edu ज्यादा भरोसेमंद)
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“About Us” सेक्शन
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लेखक की डिग्री/क्रेडेंशियल्स
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अपडेट की तारीख
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प्राइवेसी पॉलिसी और कॉन्टैक्ट डिटेल्स
️ सोशल मीडिया और ऐप्स पर सावधानियां:
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वायरल पोस्ट्स फैक्ट-चेक करें (Snopes जैसी साइट्स से)
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ऐप डाउनलोड करने से पहले डेवलपर और रिव्यू देखें
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अनजान लिंक पर क्लिक न करें
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पब्लिक Wi-Fi पर संवेदनशील डेटा न डालें
बुजुर्गों के लिए:
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ऑनलाइन स्कैम से सावधान रहें
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स्ट्रॉन्ग पासवर्ड, 2FA इस्तेमाल करें
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नियमित डॉक्टर चेकअप कराएं
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संदिग्ध वेबसाइट या कॉल को पुलिस/साइबर सेल में रिपोर्ट करें
Bottom Line:
“इंटरनेट पर मिली जानकारी सिर्फ शुरुआती गाइड है, फाइनल डिसीजन हमेशा डॉक्टर का होगा।”
अपनी सेहत को खतरे में न डालें। कोई भी जानकारी क्रॉस-चेक करें, सोचें और प्रोफेशनल से पूछें।