मानसून में स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा! जानिए बचाव और इलाज के आसान टिप्स

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बरसात के मौसम में हवा में नमी और गीलापन बढ़ने से स्किन इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल के हमीदिया और जेपी अस्पतालों में मरीजों की संख्या 10 गुना तक बढ़ चुकी है। रोजाना 100-150 लोग फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

इसका मुख्य कारण मौसम में नमी, पसीना और गंदगी का जमाव है, जो दाद, खाज, खुजली जैसी समस्याओं को बढ़ाता है। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं:


मानसून में कौन से स्किन इन्फेक्शन बढ़ते हैं?

डॉ. शीना कपूर (डर्मेटोलॉजिस्ट, कोकिलाबेन हॉस्पिटल, इंदौर) बताती हैं:

  • नमी और गीलापन बैक्टीरिया व फंगस को तेजी से बढ़ने का मौका देते हैं।

  • फंगल इन्फेक्शन: धीरे-धीरे फैलता है, लाल रिंग जैसे निशान, खुजली, पपड़ी।

  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन: दर्द, सूजन, पस भरे फोड़े-फुंसी, तेजी से फैलने वाला।


फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन में अंतर

लक्षण फंगल इंफेक्शन बैक्टीरियल इंफेक्शन
फैलने की रफ्तार धीरे-धीरे तेजी से
लक्षण लाल गोल निशान, खुजली दर्द, सूजन, पस
स्थान नमी वाली जगह (बगल, जांघ, पैर) कहीं भी
गंभीरता सामान्य लेकिन बढ़ सकता है जल्दी गंभीर रूप ले सकता है

कैसे फैलता है फंगल इन्फेक्शन?

यह कॉन्टैक्ट इन्फेक्शन है:

  • संक्रमित व्यक्ति को छूने से

  • तौलिया, जूते, कपड़े या बिस्तर शेयर करने से


⚠️ किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • ऑयली स्किन वाले लोग

  • बच्चे और बुजुर्ग (कमजोर इम्युनिटी)

  • एलर्जी/एक्जिमा मरीज

  • डायबिटीज के मरीज


️ बचाव के आसान टिप्स

  • नहाने के बाद शरीर को अच्छे से पोंछें।

  • गीले कपड़े तुरंत बदलें।

  • कॉटन जैसे हल्के कपड़े पहनें।

  • तौलिए, जूते या पर्सनल आइटम शेयर न करें।

  • शरीर को सूखा और साफ रखें।


डियो और पाउडर का ज्यादा इस्तेमाल क्यों हानिकारक?

  • डियो में मौजूद केमिकल्स स्किन को इरिटेट कर सकते हैं।

  • पाउडर नमी सोख लेता है, लेकिन ज्यादा लगाने से स्किन रूखी और सेंसिटिव हो सकती है।

  • मानसून में इनका सीमित उपयोग करें।


‍⚕️ डॉक्टर से कब सलाह लें?

  • लगातार खुजली, लाल चकत्ते, पपड़ी जमना

  • फफोले या पस वाले फोड़े

  • दर्द और जलन

खुद से स्टेरॉयड क्रीम लगाने से बचें, सही समय पर डॉक्टर से इलाज कराएं।


निष्कर्ष:
मानसून में नमी स्किन प्रॉब्लम का बड़ा कारण है। साफ-सफाई, सूखे कपड़े और सही हाइजीन से आप इन बीमारियों से बच सकते हैं।

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