छत्तीसगढ़ में बड़ा खुलासा: IIIT नवा रायपुर के छात्र ने 36 छात्राओं की बनाई अश्लील तस्वीरें, आरोपी गिरफ्तार

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आज के दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल नई-नई सुविधाओं और विकास के लिए किया जा रहा है, वहीं इसका दुरुपयोग भी बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) से चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

यहाँ के एक छात्र ने AI टूल्स की मदद से 36 छात्राओं की आपत्तिजनक और फर्जी तस्वीरें तैयार कीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके डिवाइस से हजारों अश्लील फोटो-वीडियो बरामद किए हैं।


आरोपी का प्लान: वेबसाइट पर अपलोड करने की तैयारी

जांच में पता चला है कि आरोपी छात्र लंबे समय से इन तस्वीरों को गुप्त रूप से तैयार कर रहा था। शक जताया जा रहा है कि वह इन्हें अश्लील वेबसाइट्स पर अपलोड करने या फिर निजी प्लेटफॉर्म्स पर बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को कुछ संदिग्ध ऑनलाइन अकाउंट और फाइल ट्रांसफर की गतिविधियों के सबूत भी मिले हैं।


कैंपस में फैली सनसनी

आरोपी बिलासपुर निवासी 21 वर्षीय छात्र सैय्यद रहीम अदनान अली है, जो IIIT नवा रायपुर के बॉयज़ हॉस्टल में रह रहा था। उसने यह तस्वीरें अपने कुछ दोस्तों को भी दिखाईं, जिसके बाद मामला पूरे कैंपस में फैल गया। जैसे ही पीड़ित छात्राओं तक खबर पहुंची, उन्होंने संस्थान प्रबंधन को शिकायत दी और मामला पुलिस तक पहुँचा।


छात्राओं की मांग – कड़ी कार्रवाई और तस्वीरों को हटाया जाए

पीड़ित छात्राओं ने आरोपी के खिलाफ AI क्राइम के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही साइबर पुलिस से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि आरोपी के लैपटॉप, मोबाइल और क्लाउड से सभी फर्जी तस्वीरें स्थायी रूप से डिलीट की जाएँ।


आरोपी निलंबित, प्रबंधन ने बनाई जांच कमेटी

जैसे ही घटना सार्वजनिक हुई, IIIT प्रबंधन ने तुरंत आरोपी छात्र को निलंबित (Suspended) कर दिया। संस्थान ने महिला स्टाफ को शामिल करते हुए एक विशेष कमेटी गठित की है, जो मामले की गहराई से जांच करेगी।


पुलिस के सामने कबूला अपराध

पुलिस पूछताछ में आरोपी सैय्यद रहीम ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि वह छात्राओं की तस्वीरों को AI टूल्स पर अपलोड कर उनके चेहरे बदलकर अश्लील रूप दे देता था। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या ये तस्वीरें पहले ही सोशल मीडिया या अन्य वेबसाइट्स पर अपलोड की जा चुकी हैं।


यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि AI का गलत इस्तेमाल युवाओं के लिए अपराध का रास्ता खोल सकता है। अब देखना होगा कि पुलिस और संस्थान इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और आरोपी को कितनी कड़ी सजा मिलती है।

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