धमतरी के देवपुर में हुआ सांसद खेल महोत्सव 2025 का रंगारंग आगाज़, युवाओं ने दिखाया उत्साह और जोश

Spread the love

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम देवपुर मेला मैदान में युवा ऊर्जा और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां सांसद खेल महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और कबड्डी मैच के टॉस के साथ खेल प्रतियोगिताओं का औपचारिक आगाज़ किया गया।


खिलाड़ियों में उमड़ा उत्साह, दर्शकों का जयघोष

मेला मैदान में जुटे जनसमूह ने जयघोष और तालियों से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। महोत्सव के अंतर्गत कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और अन्य पारंपरिक खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी ने, जिनकी उपस्थिति में यह आयोजन और भी विशेष बन गया।


मंच पर रहे जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। साथ ही भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू, जिला मंत्री हेमन्त चंद्राकर, मंडल अध्यक्ष मिश्री पटेल, जनपद अध्यक्ष अंगिरा ध्रुव, उपाध्यक्ष केशव साहू, महामंत्री आनन्द स्वरूप मेश्रामनिरंजन साहू, जनपद सदस्य दिलीप सेन, दिनेश्वरी रोशन साहू, ग्राम सारंगपुरी के सरपंच रामकुमार यादव, हिमांशु शेखर दर्री और पूर्व सरपंच चेतन यदु (देवपुर) समेत अनेक जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


“युवा ही देश की असली शक्ति हैं” – नेहरू निषाद

अपने प्रेरक संबोधन में नेहरू निषाद ने कहा—
“खेल हमें अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना सिखाते हैं। सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन न केवल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जगाते हैं, बल्कि समाज में भाईचारा और एकता को भी मजबूत करते हैं। यह मंच ग्रामीण प्रतिभाओं को उभारकर छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।”


प्रतियोगिताओं का रोमांच और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ

पूरे दिन खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों में युवा खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया।

आखिर में आयोजकों की ओर से सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया गया तथा खिलाड़ियों को आगे भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करने की शुभकामनाएँ दी गईं।


कुल मिलाकर, देवपुर का यह महोत्सव केवल खेलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवा शक्ति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *