गढ़चिरौली/सुकमा से बड़ी खबर — माओवादी संगठन को करारा झटका देते हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सोमवार को मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति समेत 61 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
भूपति संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर हैं और उन पर डेढ़ करोड़ तक का इनाम था। कई राज्यों को मिलाकर यह इनामी रकम 6 करोड़ रुपए से ज्यादा बैठती है।
कौन है भूपति?
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तेलंगाना का रहने वाला, 80 के दशक से नक्सली संगठन से जुड़ा।
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छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र, ओडिशा, तेलंगाना में मोस्ट वांटेड।
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संगठन की शीर्ष इकाई पोलित ब्यूरो का सक्रिय सदस्य।
पहली बार इतना बड़ा इनामी नेता खुले मंच पर मुख्यमंत्री के सामने सरेंडर करता दिखा।
गढ़चिरौली में सीन
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सभी नक्सली काली वर्दी पहनकर पहुंचे।
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अपने हथियार सीएम फडणवीस को सौंपे।
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सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीतियों ने इन्हें हथियार डालने पर मजबूर किया।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 27 नक्सलियों का सरेंडर
गढ़चिरौली से ठीक एक दिन पहले, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भी बड़ा सरेंडर हुआ।
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27 नक्सली, जिनमें 10 महिलाएं और 17 पुरुष, पुलिस और CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिए।
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इनमें 50 लाख तक के इनामी 7 नक्सली भी शामिल रहे।
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1 नक्सली पर 10 लाख
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3 पर 8-8 लाख
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1 पर 3 लाख
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2 पर 2-2 लाख
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9 पर 1-1 लाख का इनाम था।
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आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर 01 और रिजनल मिलिट्री कंपनी के हार्डकोर माओवादी शामिल हैं।
क्यों लौट रहे हैं नक्सली?
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छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025 और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना का असर।
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सुरक्षा बलों का बढ़ता दबाव।
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संगठन की हिंसक और अमानवीय विचारधारा से मोहभंग।
सरकार ने सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सुविधाएं देने की घोषणा की है।
पिछले 1 महीने में बड़े झटके
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20 दिन पहले दंतेवाड़ा में 71 नक्सलियों का सरेंडर — 30 नक्सली इनामी थे।
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23 सितंबर को नारायणपुर में 2 टॉप कमांडर ढेर — राजू दादा और कोसा दादा, जिन पर 1.8-1.8 करोड़ का इनाम था।
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27 CRPF जवानों की शहादत और कई बड़े हमलों में शामिल थे।
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कुल तस्वीर
लगातार दबाव और सरकार की नीति ने नक्सल मोर्चे पर संगठन की कमर तोड़ दी है।
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गढ़चिरौली में 61
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सुकमा में 27
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दंतेवाड़ा में 71
यानी सिर्फ कुछ हफ्तों में 150 से ज्यादा नक्सली हथियार डाल चुके हैं।