भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे ओपनर पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में शानदार पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा। सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेलते हुए शॉ ने महज 72 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह उनका महाराष्ट्र की ओर से रणजी में पहला शतक है।
सबसे तेज शतकों में शामिल
तीसरे दिन की सुबह शॉ ने 13 चौकों की मदद से शतक पूरा किया, जो रणजी ट्रॉफी इतिहास का छठा सबसे तेज़ शतक है।
Fastest Ranji Trophy Centuries:
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48 गेंद – ऋषभ पंत (2016-17)
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56 गेंद – रियान पराग (2023-24)
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56 गेंद – आर के बोरा (1987-88)
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60 गेंद – एस रुबेन पॉल (1995-96)
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68 गेंद – रजत पाटीदार (2024-25)
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69 गेंद – नमन ओझा (2015-16)
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72 गेंद – पृथ्वी शॉ (2025-26)
20 महीने बाद आया शतक
इस शतक से पहले शॉ का बल्ला लंबे समय तक खामोश था। उन्होंने आखिरी बार फरवरी 2024 में मुंबई के लिए शतक बनाया था। इस पारी के साथ उन्होंने 20 महीने का शतक सूखा खत्म कर दिया।
करियर को नई रफ्तार देने की कोशिश
पिछले कुछ समय से शॉ फिटनेस और अनुशासन की वजह से विवादों में रहे और मुंबई टीम से बाहर कर दिए गए थे। जून 2025 में उन्होंने मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र का रुख किया। शॉ का कहना है कि नए माहौल में खेलना उनके करियर को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
शॉ का क्रिकेट सफर
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टेस्ट: 5 मैच
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वनडे: 6 मैच
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टी20: 1 मैच (भारत के लिए आखिरी मैच जुलाई 2021 में खेला)
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फर्स्ट क्लास: 58 मैच, 46 की औसत से 4556 रन, 13 शतक, 18 अर्धशतक, बेस्ट 379 रन
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लिस्ट ए: 3399 रन, 55 की औसत और 125 के स्ट्राइक रेट के साथ
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टी20: 2902 रन, 151 के स्ट्राइक रेट और 25 की औसत से
शॉ 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान भी रहे हैं। हालांकि, आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला।
पृथ्वी शॉ की यह पारी बताती है कि वह अभी भी दमदार वापसी करने की क्षमता रखते हैं और अपने करियर को नया मोड़ देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।