आज के डिजिटल दौर में मोबाइल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। काम हो या मनोरंजन, हर चीज फोन से जुड़ गई है। लेकिन जब यही आदत हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह हमारी सेहत के लिए खतरा बन जाती है। लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखते रहना सिर्फ आंखों को नहीं, बल्कि नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी बुरा असर डालता है।
रिसर्च बताती है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से सिरदर्द, नींद की गड़बड़ी और आंखों की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है। अगर आप भी घंटों मोबाइल पर स्क्रॉल करते रहते हैं, तो इन 5 समस्याओं से अलर्ट रहना जरूरी है।
मोबाइल ज्यादा देखने से होने वाले नुकसान
1. आंखों की सेहत पर असर
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मोबाइल की ब्लू लाइट आंखों को नुकसान पहुंचाती है।
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इससे ड्राई आई, जलन, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी दिक्कतें होती हैं।
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धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कमजोर भी हो सकती है।
2. नींद की समस्या
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रात में देर तक मोबाइल देखने से दिमाग में मेलाटोनिन हार्मोन प्रभावित होता है।
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नींद देर से आती है या बीच में टूट जाती है।
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नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान और सुस्ती बनी रहती है।
3. तनाव और चिंता
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लगातार नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया अपडेट दिमाग को आराम नहीं करने देते।
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इससे तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ता है।
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नतीजा – चिड़चिड़ापन, बेचैनी और मानसिक थकान।
4. गर्दन और पीठ दर्द
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मोबाइल को नीचे झुककर देखने की आदत से ‘टेक नेक सिंड्रोम’ होता है।
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गर्दन और पीठ पर दबाव बढ़ने से सर्वाइकल दर्द और स्पाइन की समस्या हो सकती है।
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लंबे समय तक यह स्थिति स्थायी दर्द में भी बदल सकती है।
5. ध्यान और फोकस में कमी
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बार-बार मोबाइल चेक करने की आदत से एकाग्रता टूटती है।
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बच्चों और युवाओं में पढ़ाई और काम दोनों पर असर पड़ता है।
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निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त भी कमजोर हो सकती है।
इसलिए, मोबाइल का इस्तेमाल सीमित करें और स्क्रीन टाइम को बैलेंस करना सीखें।
नोट: यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है। किसी भी समस्या पर डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।