दिल्ली में प्रदूषण पर कड़ा एक्शन: बीएस-6 से पुराने कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक, आज होगा पहला क्लाउड सीडिंग ट्रायल

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। आदेश के तहत अब ऐसे कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, जो BS-VI मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

इसी बीच, प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आज दिल्ली में पहली बार क्लाउड सीडिंग ट्रायल भी होने जा रहा है। इसके लिए कानपुर से एक विशेष विमान ‘सेसना’ ने उड़ान भरी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह ट्रायल उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में किया जाएगा।


दिल्ली की हवा अब भी खराब

  • मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 306 रिकॉर्ड किया गया, जो सोमवार को 315 था।

  • हालांकि मामूली सुधार हुआ है, लेकिन हवा की क्वालिटी अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

  • इंडिया गेट क्षेत्र में भी मंगलवार सुबह AQI करीब 305 दर्ज किया गया।


क्लाउड सीडिंग: कैसे होगी कृत्रिम बारिश?

  • DGCA ने पहले ही इस ट्रायल को मंजूरी दे दी थी।

  • IIT कानपुर के स्पेशल एयरक्राफ्ट का इसमें इस्तेमाल होगा।

  • 23 अक्टूबर को दिल्ली सरकार ने राजधानी में कृत्रिम बारिश का एक सफल टेस्ट किया था।

  • यह प्रयोग एन्वायर्नमेंट एक्शन प्लान 2025 का हिस्सा है।

  • ट्रायल से मिलने वाले डेटा का उपयोग बड़े पैमाने पर क्लाउड सीडिंग लागू करने के लिए किया जाएगा।

भारत में क्लाउड सीडिंग कोई नई तकनीक नहीं है।

  • पहली बार 1983 और 1987 में इसका उपयोग हुआ।

  • 1993-94 में तमिलनाडु और 2003 में कर्नाटक सरकार ने भी इसका सहारा लिया।

  • महाराष्ट्र के सोलापुर में इस तकनीक से 18% अधिक बारिश दर्ज की गई थी।


GRAP के स्टेज और वर्तमान स्थिति

  • स्टेज I – खराब (AQI 201-300)

  • स्टेज II – बहुत खराब (AQI 301-400)

  • स्टेज III – गंभीर (AQI 401-450)

  • स्टेज IV – गंभीर प्लस (AQI 450 से ज्यादा)

इस समय दिल्ली में GRAP-I लागू है। इसके तहत –

  • धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव,

  • सड़क निर्माण व मरम्मत के दौरान एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल,

  • 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू करने का आदेश है।

डॉ. शरद जोशी (पल्मोनोलॉजिस्ट, गाजियाबाद) ने सलाह दी है कि लोग बाहर निकलते समय N95 या डबल सर्जिकल मास्क जरूर पहनें।


पराली जलाने से भी बढ़ता है प्रदूषण

  • दिवाली के बाद पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाने से प्रदूषण तेजी से बढ़ता है।

  • 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था।

  • केंद्र सरकार ने CAQM Act 2021 के तहत नियम बनाए –

    • 2 एकड़ से कम पराली जलाने पर ₹5,000 जुर्माना

    • 2-5 एकड़ पर ₹10,000 जुर्माना

    • 5 एकड़ से ज्यादा पर ₹30,000 जुर्माना

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