ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने अपने कर्मचारियों के लिए चिंता बढ़ाने वाला बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने 14 हजार जॉब रोल्स खत्म कर दिए हैं और अब जल्द ही करीब 30 हजार कॉर्पोरेट कर्मचारियों को ले-ऑफ किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह कदम क्रिसमस हॉलिडे सीजन से पहले उठाया जाएगा।
अगर ऐसा होता है तो यह Amazon के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ले-ऑफ होगा, जिसमें कंपनी के करीब 10% व्हाइट कॉलर वर्कफोर्स प्रभावित होंगे।
किन डिपार्टमेंट्स पर पड़ेगा असर?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon जिन विभागों में कटौती करने जा रहा है उनमें शामिल हैं:
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Human Resources (EXT)
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Operations
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Amazon Web Services (AWS)
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Devices and Services
सूत्रों का कहना है कि जिन विभागों में छंटनी होनी है, उनके मैनेजर्स को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है कि यह सूचना कर्मचारियों तक कैसे पहुंचानी है। प्रभावित कर्मचारियों को मंगलवार से ले-ऑफ से जुड़े ईमेल मिलना शुरू हो जाएंगे।
Amazon का पैमाना
Amazon अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट एम्प्लॉयर है। दुनियाभर में इसके 1.54 मिलियन कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से अधिकतर वेयरहाउस में हैं। लेकिन ले-ऑफ का सबसे ज्यादा असर लगभग 3.5 लाख कॉर्पोरेट पदों पर पड़ने वाला है।
पिछली बार भी हुई थी बड़ी छंटनी
2022-23 में Amazon ने CEO एंडी जैस्सी के कार्यकाल में अब तक का सबसे बड़ा ले-ऑफ किया था। उस समय कंपनी ने 27 हजार कॉर्पोरेट रोल्स हटाए, जिससे करीब 8% कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी थी।
Amazon ही नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री छंटनी की चपेट में है।
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Microsoft: 15 हजार कर्मचारी बाहर
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Meta: 600 लोगों को AI डिवीजन से निकाला
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Google: 100 कर्मचारियों को डिजाइन टीम से हटाया
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Intel: 22 हजार कर्मचारियों का सबसे बड़ा ले-ऑफ
Layoffs.fyi के मुताबिक, 2024 में अब तक 200 टेक कंपनियां करीब 98 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं।
आखिर क्यों हो रहे इतने बड़े ले-ऑफ?
टेक सेक्टर में छंटनी के पीछे कई वजहें हैं—
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कोविड के दौरान बल्क हायरिंग: महामारी में डिजिटल डिमांड बढ़ने की उम्मीद में कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा हायरिंग की। अब सामान्य जीवन लौटने पर ग्रोथ धीमी हो गई।
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ओवरस्टाफिंग: कर्मचारियों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई, जिनमें कई रोल अब गैर-जरूरी माने जा रहे हैं।
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प्रॉफिट मार्जिन का दबाव: कंपनियां अब खर्च कम करके मुनाफा बनाए रखना चाहती हैं।
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AI और ऑटोमेशन पर फोकस: बड़ी कंपनियां अब अपने संसाधन Artificial Intelligence, Automation, Cloud Computing और Data Infrastructure में लगा रही हैं, जिससे पारंपरिक रोल्स कम हो रहे हैं।