देश की दिग्गज इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का परफॉर्मेंस उम्मीदों के करीब रहा और मजबूत ऑर्डर बुकिंग ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया है।
मुनाफा और राजस्व
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कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 15.6% बढ़कर ₹3,926 करोड़ रहा।
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विश्लेषकों ने लगभग ₹4,005 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद जताई थी।
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कंपनी की कुल आय इस तिमाही में 10.4% बढ़कर ₹67,983 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यही आय ₹61,554 करोड़ थी।
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EBITDA 7% बढ़कर ₹6,806 करोड़ पर रहा, हालांकि मार्जिन हल्का घटकर 10% पर आ गया।
ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड ग्रोथ
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30 सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹6.67 लाख करोड़ पर पहुंच गई, जो मार्च 2025 की तुलना में 15% ज्यादा है।
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इस तिमाही में L&T को ₹1.15 लाख करोड़ के नए ऑर्डर मिले।
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इनमें से 65% यानी ₹75,561 करोड़ का बिज़नेस अंतरराष्ट्रीय बाजार से आया।
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पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2025) में कुल ऑर्डर बुकिंग ₹2.10 लाख करोड़ रही, जो साल-दर-साल 39% की बड़ी बढ़त है।
सेक्टरवार परफॉर्मेंस
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एनर्जी प्रोजेक्ट्स: 38,156 करोड़ के ऑर्डर मिले (पिछले साल से दोगुने), राजस्व 48% उछलकर ₹13,082 करोड़।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: 52,686 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए, जो 6% की सालाना वृद्धि दर्शाता है।
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हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग: ऑर्डर 34% घटकर 2,582 करोड़ पर रहे, लेकिन राजस्व 33% बढ़कर ₹2,754 करोड़।
शेयर पर असर
कंपनी के नतीजे आने से पहले बुधवार को L&T का शेयर NSE पर ₹3,957.30 पर बंद हुआ, जो पिछले दिन की तुलना में 0.39% नीचे रहा। अब तिमाही परिणामों के बाद निवेशकों की नजर स्टॉक की अगली चाल पर रहेगी।
साफ है कि L&T की मजबूत ऑर्डर बुक और ऊर्जा–इंफ्रा सेक्टर में तेज़ ग्रोथ कंपनी को आगे और मजबूती दे सकती है। हालांकि मार्जिन का दबाव और हाई-टेक सेगमेंट की कमजोरी पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।