खराब अंडे से बढ़ सकता है लिवर एब्सेस का खतरा: पहचानें बीमारी, लक्षण और बचाव के तरीके

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भारत में हर साल लिवर एब्सेस (Liver Abscess) के हजारों मामले सामने आते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के आंकड़ों के मुताबिक, हर 1 लाख लोगों में करीब 2.3 लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। यह समस्या पुरुषों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा देखने को मिलती है।

लिवर एब्सेस दरअसल लिवर में पस (Pus) की गांठ बनने की बीमारी है। यह बैक्टीरिया, पैरासाइट या फंगस से होने वाले संक्रमण की वजह से पैदा होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब अंडे जैसे दूषित भोजन इसका बड़ा कारण बन सकते हैं।


लिवर एब्सेस क्या है?

लिवर एब्सेस में लिवर के अंदर संक्रमण से कोशिकाएं मरने लगती हैं और वहां पस जमा होकर गांठ बना देती है। यह गांठ छोटी भी हो सकती है और बड़ी भी। कई बार एक साथ कई गांठें भी बन जाती हैं।

डॉ. अभिनव गुप्ता (कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर) बताते हैं कि यह बीमारी हेपेटाइटिस या सिरोसिस जितनी ही खतरनाक हो सकती है। अगर गांठ समय पर न रुकी तो लिवर की कार्यक्षमता पर बुरा असर डाल सकती है।


खराब अंडे से लिवर एब्सेस कैसे होता है?

  • खराब अंडे में अक्सर साल्मोनेला या एंटामीबा जैसे बैक्टीरिया और परजीवी होते हैं।

  • ऐसे अंडे खाने पर पहले पेट में संक्रमण (डायरिया, पेट दर्द) होता है।

  • फिर यह बैक्टीरिया खून के जरिए लिवर तक पहुंचकर वहां पस जमा कर देते हैं

  • भारत में दूषित पानी और मिलावटी खाने से अमीबिक लिवर एब्सेस सबसे ज्यादा पाया जाता है।

  • इसलिए हमेशा ताजे अंडे चुनें और अच्छी तरह पकाकर खाएं


कितना खतरनाक है लिवर एब्सेस?

  • अगर गांठ फट जाए तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है, जिससे सेप्सिस हो जाता है।

  • मौत का खतरा लगभग 10-20% तक रहता है।

  • सही समय पर इलाज मिल जाए तो 90% से ज्यादा मरीज ठीक हो जाते हैं

  • अगर संक्रमण बढ़ जाए तो फेफड़े, दिमाग और आंखों तक पहुंच सकता है।


किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • डायबिटीज के मरीज

  • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग (HIV, कैंसर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट वाले)

  • 40-60 साल की उम्र के पुरुष

  • लिवर या बाइल डक्ट की पुरानी बीमारी वाले

  • ट्रॉमा या पेट की सर्जरी के बाद के मरीज


लिवर एब्सेस के लक्षण

  • तेज बुखार और ठंड लगना

  • दाहिनी तरफ ऊपरी पेट में दर्द या दबाव

  • भूख न लगना, उल्टी, वजन कम होना

  • थकान और कमजोरी

  • जॉन्डिस (आंख और त्वचा का पीला होना)

  • दर्द दाहिने कंधे तक जाना

  • कुछ मामलों में सांस फूलना और खांसी


इलाज कैसे होता है?

  • छोटे एब्सेस में एंटीबायोटिक्स 2-6 हफ्तों तक दिए जाते हैं।

  • अगर गांठ 5 सेमी से बड़ी हो तो ड्रेनेज (सुई से पस निकालना) करना पड़ता है।

  • गंभीर मामलों में सर्जरी करनी पड़ सकती है।

  • अस्पताल में 10-15 दिन भर्ती रहना पड़ सकता है।


अच्छे और खराब अंडे की पहचान

  • अच्छे अंडे – साफ छिलका, बिना दरार, पानी में डालने पर नीचे बैठ जाते हैं, पीला हिस्सा गोल और सफेदी साफ।

  • खराब अंडे – सल्फर जैसी बदबू, रंग बदला हुआ, पानी में तैर जाते हैं, तोड़ने पर सफेदी पतली और पीला हिस्सा बिगड़ा हुआ।

हमेशा अंडों को अच्छी तरह पकाकर खाएं, इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।


अगर इलाज न हो तो क्या हो सकता है?

  • पेरिटोनाइटिस (पेट की झिल्ली में संक्रमण)

  • सेप्टिक शॉक (खून में संक्रमण)

  • लिवर फेलियर

  • फेफड़े, दिमाग या आंखों तक संक्रमण

  • बार-बार बुखार और क्रॉनिक दर्द

  • मौत तक का खतरा


निष्कर्ष:
लिवर एब्सेस एक गंभीर लेकिन इलाज़ योग्य बीमारी है। खराब अंडे जैसी छोटी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है। सतर्क रहें, ताजे अंडे खाएं और अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें।

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