भारत का कॉरपोरेट डील मार्केट 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में जबरदस्त तेजी के साथ चमका है। पीडब्ल्यूसी (PwC) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 999 सौदे हुए, जिनकी कुल वैल्यू 44.3 अरब डॉलर रही। यह आंकड़ा बीते छह क्वार्टर में सबसे अधिक है, जो दर्शाता है कि भारतीय बिज़नेस सेक्टर फिर से जोर पकड़ रहा है।
डील वैल्यू में 64% की उछाल, संख्या में 13% की बढ़त
तिमाही दर तिमाही तुलना की जाए तो:
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डील्स की संख्या में 13% की वृद्धि दर्ज की गई।
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डील वैल्यू में 64% की बड़ी छलांग देखने को मिली।
यह इशारा करता है कि अब निवेशक सिर्फ संख्या नहीं बढ़ा रहे, बल्कि अधिक बड़े और मूल्यवान सौदों पर फोकस कर रहे हैं।
M&A और प्राइवेट इक्विटी निवेशक हो रहे हैं ज्यादा रणनीतिक
रिपोर्ट बताती है कि:
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भारतीय कंपनियां अब विलय और अधिग्रहण (Mergers & Acquisitions) के जरिए अपने विस्तार की गति तेज कर रही हैं।
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प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेशक अब ऐसे अवसर तलाश रहे हैं जो सिर्फ घरेलू स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक प्रभाव छोड़ सकें।
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निवेशों में अब बड़ी रणनीतिक सोच और दीर्घकालिक विज़न साफ दिखाई दे रहे हैं।
क्यों है यह आंकड़ा खास?
✔ यह छह तिमाहियों के दौरान सबसे ऊंचा डील वैल्यू रिकॉर्ड है।
✔ भारत की अर्थव्यवस्था में बढ़ते भरोसे और वैश्विक निवेशकों के उत्साह का संकेत है।
✔ दर्शाता है कि भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर अब क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी और स्केल पर ध्यान दे रहा है।