Ranji Trophy 2025: यशस्वी जायसवाल ने ठोका करारे अंदाज़ में शतक, मुंबई वापसी पर पूरा किया 1000 रन का माइलस्टोन

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यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी करते हुए रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए जोरदार शतक जड़ा। यह मुकाबला राजस्थान के खिलाफ जयपुर स्थित सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है, जो उनका आईपीएल होम ग्राउंड भी है।

जनवरी 2025 के बाद यह उनका पहला रणजी मुकाबला था। उन्होंने शुरुआत अर्धशतक से की और फिर दूसरी पारी में सिर्फ 120 गेंदों पर सेंचुरी पूरी कर दी। यह पारी उनके लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि यही शतक उन्हें रणजी ट्रॉफी में 1000 रन के क्लब में ले आया।


यशस्वी के शतक की खास बातें

  • रणजी ट्रॉफी में यह उनका 17वां प्रथम श्रेणी शतक था।

  • मुंबई के लिए खेलते हुए यह सिर्फ 21 पारियों में उनका 5वां शतक है।

  • उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए।

  • इस पारी के दौरान उनके 1000 रणजी रन पूरे हुए, और सिर्फ 10 मैचों में उनका औसत 57+ का रहा।


गोवा से मुंबई वापसी और फिर धमाकेदार प्रदर्शन

जायसवाल ने कुछ समय पहले मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से एनओसी लेकर गोवा के लिए खेलने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उन्होंने मुंबई टीम में वापसी की। यह मैच वापसी के बाद उनके लिए बेहद अहम था — और उन्होंने खुद को शतक के साथ साबित भी कर दिया।


राजस्थान के खिलाफ दबदबा

  • राजस्थान ने अपनी पहली पारी 617/6 डिक्लेयर कर दी थी।

  • इसके जवाब में यशस्वी ने मुंबई की ओर से पारी संभाली और चौथे दिन शतक पूरा किया।

  • इससे पहले उन्होंने गेंदबाज़ी से भी योगदान दिया और राजस्थान के टॉप स्कोरर दीपक हुड्डा (248 रन) को पवेलियन भेजा।


टेस्ट सीरीज से पहले अच्छा संकेत

14 नवंबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले यह शतक यशस्वी के कॉन्फिडेंस को बड़ा बूस्ट देगा।

  • हाल ही में वे ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटे थे, जहां उन्हें एक भी वनडे खेलने का मौका नहीं मिला था।

  • वे टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर फॉर्म में लौटना उनके लिए जरूरी था।


यशस्वी का अब तक का सफर – रिकॉर्ड्स के साथ खास

  • 47 प्रथम श्रेणी मैच – 17 शतक

  • रणजी में मुंबई के लिए सिर्फ 21 पारियों में 5 शतक

  • 24 साल की उम्र से पहले 7 टेस्ट शतक – सलामी बल्लेबाज़ के रूप में दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ के बाद दूसरे नंबर पर।

  • इस उम्र में उनसे ज्यादा टेस्ट शतक सिर्फ सचिन तेंदुलकर के नाम हैं।


यानी साफ है — यशस्वी सिर्फ लौटे नहीं हैं, बल्कि पूरे दमखम के साथ लौटे हैं।

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