अगर आप MP Board की परीक्षा देने जा रहे हैं और इंग्लिश को लेकर डर महसूस कर रहे हैं, तो अब घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं। इंग्लिश में मार्क्स कम आने का सबसे बड़ा कारण यह नहीं होता कि बच्चों को जवाब नहीं आते, बल्कि यह होता है कि वे उन जवाबों को आंसर शीट में सही तरीके से पेश नहीं कर पाते। टॉपर्स को भी सबकुछ याद नहीं होता, लेकिन वे जो लिखते हैं, उसे इस तरह से लिखते हैं कि पेपर चेक करने वाला खुद इंप्रेस हो जाए।
सबसे पहले बात आती है प्रेजेंटेशन की। आपकी कॉपी साफ-सुथरी होनी चाहिए और हर आंसर की शुरुआत एक छोटी, सरल इंट्रो लाइन से होनी चाहिए। जवाब को पॉइंट्स या पैराग्राफ के रूप में संतुलित ढंग से लिखें और अंत में एक मजबूत या प्रभावी लाइन डालना न भूलें। ग्रामर की छोटी-छोटी गलतियां भी मार्क्स काट सकती हैं, इसलिए स्पेलिंग, टेंस और वाक्य संरचना का खास ध्यान रखें।
Essay या Letter Writing में सबसे जरूरी बात है — टॉपिक से भटकना नहीं। जो पूछा गया है, उसी बात पर टिके रहें। शब्द ज्यादा भारी-भरकम न हों, लेकिन साफ और सीधे हों। वाक्य लंबे नहीं, बल्कि छोटे, स्पष्ट और असरदार होने चाहिए। इससे कॉपी समझने में आसान होती है और टीचर पर अच्छा प्रभाव डालती है।
अब बात आती है टॉपर की तरह कॉपी लिखने की। इसके लिए सबसे बढ़िया तरीका है कि आप पिछले साल की टॉपर कॉपियां देखें और समझें कि उन्होंने जवाबों को कैसे सजाया है, कहां हाइलाइट किया, कैसे शुरुआत और अंत किया। फिर वैसे ही खुद प्रैक्टिस करें। आप देखेंगे कि कुछ ही दिनों में आपकी कॉपी में वैसा ही बदलाव आने लगेगा।
तो अब पढ़ाई के साथ-साथ लिखने का तरीका भी सुधारें। दिमाग में यह सोचकर मत बैठिए कि इंग्लिश मुश्किल है। सही लिखना सीख गए, तो इंग्लिश सबसे ज्यादा स्कोरिंग सब्जेक्ट बन सकती है। आज से शुरुआत करें, और इस बार पेपर में सिर्फ पास नहीं, बल्कि अपने नाम के आगे टॉपर लिखवाने की तैयारी करें।