AIR INDIA प्लेन क्रैश: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—पायलट पर कोई आरोप नहीं, पिता से बोझ न लेने की अपील

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एअर इंडिया विमान हादसे में मारे गए पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने साफ कहा कि इस हादसे के लिए पायलट को दोषी नहीं ठहराया गया है, इसलिए उनके पिता को खुद पर किसी भी तरह का अपराधबोध नहीं लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को इस मामले पर जवाब देने के लिए नोटिस भी जारी किया है।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं पाया गया कि पायलट की कोई गलती थी। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी, और इसमें पायलट को दोषी मानने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने 91 वर्षीय पिता पुष्कराज सभरवाल से संवेदनशील लहजे में कहा—“आपको खुद पर बोझ नहीं लेना चाहिए, आपके बेटे की गलती नहीं थी।”

पायलट के पिता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने दलील दी कि एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में पायलट को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें भारत की छवि खराब करने के इरादे से प्रकाशित की जाती हैं और उन पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का यह बयान उन परिवारों के लिए राहत की तरह है जो अक्सर हादसों के बाद सवालों और आरोपों के बीच घिर जाते हैं। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि कैप्टन सुमित सभरवाल ने अपना कर्तव्य निभाया था और उन्हें दोष देना न सिर्फ गलत है बल्कि अन्याय भी होगा।

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