आंखों के नीचे काले घेरे आजकल हर उम्र के लोगों के लिए परेशानी बन चुके हैं। देर रात तक फोन देखना, काम का तनाव, नींद की कमी और गलत खानपान—ये सभी वजहें चेहरे की थकान को बढ़ाकर डार्क सर्कल्स को गहरा कर देती हैं। बाजार में मिलने वाली क्रीम और सीरम भले ही समाधान का वादा करें, लेकिन घरेलू नुस्खों की ताकत आज भी सबसे प्राकृतिक और भरोसेमंद मानी जाती है। ऐसे ही नुस्खों में शामिल है केला, बल्कि कहना सही होगा — उसका छिलका।
अक्सर हम केला खाने के बाद उसका छिलका फेंक देते हैं, लेकिन यही छिलका आंखों के नीचे की काली त्वचा को हल्का करने में बेहद असरदार साबित हो सकता है। केले के छिलके में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, विटामिन B6 और पोटैशियम त्वचा को पोषण देते हैं, उसे हाइड्रेट करते हैं और स्किन पर नेचुरल ब्राइटनिंग इफेक्ट छोड़ते हैं। यह त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर आंखों के आसपास की डलनेस और सूजन को कम करता है। वहीं इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स त्वचा को फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं और एंटी-एजिंग का काम करते हैं।
इसका इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। पके हुए केले का छिलका लें और उसे छोटे टुकड़ों में काटें। इसे फेंकने के बजाय इसके अंदर वाले मुलायम हिस्से को आंखों के नीचे धीरे-धीरे रगड़ें। कुछ ही सेकंड में यह त्वचा पर हल्की परत छोड़ देता है जिसे 5 से 10 मिनट तक ऐसे ही लगा रहने दें, ताकि इसके पोषक तत्व स्किन में अच्छे से समा जाएं। इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें और हल्का मॉइस्चराइज़र लगा लें। अगर आप रात में सोने से पहले ऐसा करते हैं तो यह और भी ज्यादा असरदार होता है।
हफ्ते में तीन से चार बार यह तरीका अपनाने पर आंखों के नीचे की त्वचा साफ, ब्राइट और नेचुरल टोन में दिखने लगती है। कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है। ध्यान रहे कि छिलके की परत को बहुत देर तक चेहरे पर न रहने दें और अगर आपकी त्वचा बहुत सेंसिटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। दिलचस्प बात यह है कि केले का यही छिलका चेहरे के दाग-धब्बों और पिंपल्स पर भी लगाया जा सकता है।