हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 11 नवंबर को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का माहौल देखने को मिला। शुरुआती मजबूती के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे सेंसेक्स करीब 400 अंक गिरकर 83,150 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी में भी 120 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 25,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
ग्लोबल मार्केट्स में मिला-जुला रुझान
एशियाई बाजारों में आज कारोबार मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.43% बढ़कर 51,131 पर पहुंच गया, जबकि कोरिया का कोस्पी 1.48% की तेजी के साथ 4,133 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.34% गिरकर 26,558 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38% गिरकर 4,003 पर ट्रेड कर रहा है।
अमेरिकी बाजारों में हालांकि बीते शुक्रवार (10 नवंबर) को मजबूती देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 0.81% बढ़कर 47,368, S&P 500 में 1.54% और नैस्डेक कंपोजिट में 2.27% की तेजी के साथ बाजार बंद हुए थे। इन संकेतों के बावजूद भारतीय बाजारों में मुनाफावसूली का दबाव हावी है।
FII ने ₹4,076 करोड़ के शेयर बेचे, DII ने खरीदे ₹5,811 करोड़ के
10 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में ₹4,076 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसका फायदा उठाते हुए ₹5,811 करोड़ की खरीदारी की।
अक्टूबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने ₹14,610 करोड़ का शुद्ध निवेश किया था, जबकि सितंबर में उन्होंने ₹35,301 करोड़ की बिकवाली की थी। उसी अवधि में DII ने ₹65,343 करोड़ के शेयर खरीदे थे, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रही।
सोमवार को दिखी थी तेजी, लेकिन मंगलवार को पलटा रुख
हफ्ते की शुरुआत सोमवार (10 नवंबर) को बाजार में तेजी के साथ हुई थी। सेंसेक्स उस दिन 319 अंक चढ़कर 83,535 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 82 अंकों की बढ़त के साथ 25,574 तक पहुंचा था। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयर हरे निशान में बंद हुए थे।
लेकिन मंगलवार को घरेलू और विदेशी संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जबकि फार्मा और FMCG सेक्टर हल्की मजबूती में बने रहे।
आगे क्या उम्मीद है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर भारतीय बाजार पर दिख रहा है। हालांकि, घरेलू निवेशक अभी भी गिरावट में खरीदारी के मौके तलाश रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में बाजार की दिशा सकारात्मक रह सकती है।