हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रफ्तार के साथ हुई। शुक्रवार, 14 नवंबर को सेंसेक्स 300 अंक लुढ़ककर 84,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी ने भी इसी कमजोरी को दोहराया और करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 25,800 पर आ गया। शुरुआती घंटों में ही शेयरों पर बिकवाली का दबाव स्पष्ट दिखने लगा था, जिसके चलते दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में ही फिसलते नज़र आए।
सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टाटा मोटर्स के कॉमर्शियल व्हीकल सेगमेंट का शेयर 3.3% तक नीचे आ गया। इसके अलावा इंफोसिस और टाटा स्टील भी दबाव में रहे। दूसरी तरफ अडाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और जोमैटो के शेयरों ने थोड़ी मजबूती दिखाते हुए हरे निशान में कारोबार किया। निफ्टी में भी तस्वीर लगभग ऐसी ही रही—50 में से 31 शेयर लाल निशान में थे।
सैक्टोरियल ट्रेंड की बात करें तो फार्मा, मीडिया और बैंकिंग इंडेक्स हल्की तेजी के साथ टिके रहे। लेकिन IT, मेटल और ऑटो सेक्टर पर भारी गिरावट का असर दिखा, जिसने मुख्य सूचकांकों पर दबाव बढ़ा दिया।
कमजोरी केवल भारतीय बाजार में नहीं, बल्कि एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी साफ दिखाई दी। जापान का निक्केई 1.65% टूटकर 50,434 पर पहुंच गया और कोरिया का कोस्पी 2.26% फिसलकर 4,076 पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग 1.17% गिरकर 26,757 पर बंद हुआ, जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट में मामूली 0.16% की बढ़त रही। अमेरिकी बाजारों में भी 13 नवंबर के सेशंस में भारी गिरावट देखने को मिली—डाउ जोन्स 1.65% टूटा, नैस्डेक 2.29% और S&P 500 करीब 1.66% नीचे बंद हुआ। यह ग्लोबल सेल-ऑफ भारतीय बाजार की कमजोरी की एक बड़ी वजह बनी।
डोमेस्टिक फ्लो के मोर्चे पर, 13 नवंबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने करीब ₹384 करोड़ की बिक्री की, जबकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने उलट दिशा में ₹3,091 करोड़ की भारी खरीदारी की। नवंबर महीने में अब तक FIIs करीब ₹8,684 करोड़ नेट सेलिंग कर चुके हैं, जबकि DIIs ने लगभग ₹32,891 करोड़ की नेट खरीदारी दर्ज की। अक्टूबर में भी यही ट्रेंड देखने को मिला था—जहां विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच DIIs ने आक्रामक खरीद जारी रखी।
एक दिन पहले यानी गुरुवार को बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच क्लोजिंग लगभग फ्लैट रही थी। सेंसेक्स मात्र 12 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी सिर्फ 3 अंक की तेजी दिखा पाया। उस दिन भी सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर गिरावट में रहे थे। टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल, जोमैटो और इंफोसिस ने 4% तक कमजोरी दिखाई थी, जबकि एशियन पेंट्स, ICICI बैंक और पावरग्रिड जैसे दिग्गज शेयरों ने 3.8% तक की मजबूती दी थी।
आज के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की दिशा ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और IT–मेटल जैसे वेटेज सेक्टर्स की चाल पर काफी हद तक निर्भर रहेगी। फिलहाल बाजार कमजोर भाव के साथ कारोबार कर रहा है और निवेशकों की नज़र आगे आने वाली सुर्खियों पर टिकी है।