भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। कोलकाता टेस्ट के दौरान अचानक हुए नेक स्पैज़्म के बाद उन्हें तुरंत मेडिकल देखरेख में भेजा गया था। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट में खेलना अभी भी निश्चित नहीं है। टीम इंडिया सोमवार को कोलकाता में अभ्यास कर रही है, मगर गिल इस सेशन में शामिल नहीं होंगे। डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि गर्दन की रिकवरी के दौरान खिलाड़ियों को कॉमर्शियल फ्लाइट से यात्रा नहीं करनी चाहिए, और ऐसे में टीम के साथ उनकी उड़ान भी मुश्किल लग रही है।
गिल की उपलब्धता को लेकर suspense उसी तरह बना हुआ है जैसा मैच के आखिरी दिन भारतीय बल्लेबाज़ी में था। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी मैच के बाद यही कहा कि गिल का फिटनेस आकलन अभी बाकी है और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर दोबारा निर्णय लेगी। कोलकाता टेस्ट की चौथी पारी में गिल की अनुपस्थिति टीम इंडिया को भारी पड़ी—एक बल्लेबाज़ कम होने के चलते 124 के छोटे लक्ष्य का पीछा करना भी मुश्किल साबित हुआ, और टीम सिर्फ 93 रन पर ढेर हो गई।
अगर शुभमन गिल गुवाहाटी टेस्ट से बाहर होते हैं, तो दो युवा बल्लेबाज़ों के नाम चर्चा में हैं—साईं सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल। सुदर्शन ने दिल्ली टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया था, लेकिन हाल के मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा। पडिक्कल ने भी टेस्ट मैच खेले हैं, मगर साउथ अफ्रीका A के खिलाफ उनका फॉर्म उतार-चढ़ाव भरा रहा। इन दोनों में से किसी एक के आने पर भारत की प्लेइंग XI में सात लेफ्ट-हैंडर्स शामिल हो जाएंगे—जो किसी भी टीम के लिए बेहद दुर्लभ स्थिति है।
कोलकाता में पहली बार भारत ने छह लेफ्टी बल्लेबाज़ उतारे थे, और साउथ अफ्रीका के ऑफस्पिनर्स साइमन हार्मर और एडेन मार्कराम ने उनमें से सात विकेट उखाड़ दिए थे। ऐसे में सात लेफ्टी भेजना रणनीतिक रूप से कितना जोखिमभरा होगा, यह टीम मैनेजमेंट को गंभीरता से सोचना होगा।
गिल की चोट ने चिंता इसलिए भी बढ़ाई है क्योंकि वे इसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ गर्दन की समस्या के कारण एक टेस्ट मिस कर चुके हैं। आईपीएल 2025 से लेकर अब तक वे बिना ब्रेक लगातार खेल रहे हैं। उनका वर्कलोड लंबे समय से चर्चा में है और मौजूदा चोट ने इस मुद्दे को और ताज़ा कर दिया है। गुवाहाटी टेस्ट से पहले गिल के फिटनेस टेस्ट को टीम इंडिया की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।