लंबे इंतजार के बाद प्राचार्य प्रमोशन प्रक्रिया फिर शुरू—21 से 24 नवंबर तक रायपुर में होगी काउंसिलिंग, इस माह रिटायर होने वाले शिक्षकों को भी मिली राहत।
रायपुर में प्राचार्य पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया आखिरकार पटरी पर लौट आई है। प्रदेशभर के व्याख्याताओं और प्रधान पाठकों के लिए लंबे समय से अटकी काउंसिलिंग पर लगा ग्रहण बुधवार को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा हटाया गया। नए आदेश में साफ कर दिया गया है कि 21 से 24 नवंबर तक राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीएड कॉलेज में काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी, जहां हर दिन लगभग 300 उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा। किस दिन किस व्याख्याता या प्रधान पाठक को उपस्थित होना है, इसका विस्तृत शेड्यूल डीपीआई जल्द जारी करेगा।
इससे पहले काउंसिलिंग 17 से 19 नवंबर के बीच होने वाली थी, लेकिन शिक्षकों की आपत्तियों के चलते इसे एक दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था। शिक्षकों का कहना था कि पदोन्नति सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। इसी मांग को देखते हुए रविवार को अवकाश होने के बावजूद आदेश जारी कर प्रक्रिया रोक दी गई थी। अधिकांश आपत्तियां सूची में नामों के क्रम को लेकर थीं, पर चूंकि यह सूची पीएससी से अनुमोदित थी, इसलिए आपत्तियों को पर्याप्त आधार न मानते हुए काउंसिलिंग आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो पदोन्नति सूची जारी होने के बाद से ही इंतजार में थे। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ सहित कई संगठन इस निर्णय से संतुष्ट दिखाई दिए। शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि ट्राइबल संवर्ग में पहले ही काउंसिलिंग के माध्यम से पोस्टिंग हो चुकी है और वही नियम अब ई संवर्ग में भी लागू किए जाएंगे। 21 से 24 नवंबर के बीच काउंसिलिंग पूरी होने के बाद 26 नवंबर को पोस्टिंग आदेश जारी करने की तैयारी है, जिससे इस महीने रिटायर होने वाले पदोन्नत प्राचार्य भी ज्वॉइनिंग दे पाएंगे।
गौरतलब है कि अप्रैल में जारी सूची में कुल 1478 व्याख्याताओं और प्रधान पाठकों को पदोन्नति दी जानी थी, लेकिन उनमें से कई पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कई नवंबर के अंत तक रिटायर होने वाले हैं। अब काउंसिलिंग की नई तारीखों के साथ उनके इंतजार का भी अंत दिखाई दे रहा है।