चोट से उबरकर लौटी निकहत जरीन ने फिर मचाई धाक, टीम इंडिया के छह बॉक्सर स्वर्ण मुकाबले में जगह पक्की—भारत गुरुवार को खेलेगा 15 गोल्ड फाइनल।
विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में भारतीय दल ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरे टूर्नामेंट के सेंटर स्टेज पर तिरंगा लहरा दिया है। देश की दिग्गज बॉक्सर और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन ने अपने दमदार अंदाज़ में सेमीफाइनल पार करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। लंबे समय तक कंधे की चोट से जूझने के बाद सितंबर में वापसी करने वाली निकहत ने 51 किलोवर्ग के कठिन मुकाबले में उजबेकिस्तान की जानीवा गुलसेवर को मात दी। लगभग 20 महीने बाद पोडियम की राह पर लौट चुकी निकहत ने कहा कि पेरिस ओलंपिक के बाद यह पदक उनके लिए नई शुरुआत जैसा है, खासकर उस दिल्ली की रिंग में जहां दो साल पहले वह विश्व चैंपियन बनी थीं। अब वह चीनी ताइपे की गुओ यी शुआन से खिताबी भिड़ंत करेंगी।
भारत के लिए खुशी यहीं नहीं रुकी। 57 किलोवर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया ने कजाखस्तान की पूर्व एशियाई युवा चैंपियन उलजहां सारसेंबेक को 5-0 के क्लीन स्वीप से हराकर फाइनल में जगह बनाई। उनकी तेज़ रफ्तार, साफ पंच और रिंग में आत्मविश्वास ने मुकाबला एकतरफा बना दिया।
पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह एम ने 50 किलोवर्ग में ऑस्ट्रेलिया के उमर इजाज के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि पवन बर्तवाल ने 55 किलो में शानदार प्रदर्शन किया। 60 किलो वर्ग में सचिन सिवाच ने अपनी लय बरकरार रखते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और 70 किलो में हितेश गुलिया ने भारत के लिए एक और स्वर्ण अवसर पक्का किया। इन छह नामों के साथ भारत गुरुवार को कुल 15 गोल्ड मुकाबलों में उतरने जा रहा है।
हालाँकि टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती से कुछ बॉक्सर बाहर भी हुए। नीरज फोगाट (65 किलो), जुगनू (85 किलो) और सुमित कुंडू (75 किलो) अपने-अपने मुकाबलों में आगे नहीं बढ़ सके, लेकिन टीम का कुल प्रदर्शन अब भी बेहद प्रभावी है।