नक्सलियों के पत्र पर CM विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया—“पहले हिंसा छोड़ें, मुख्यधारा में आएं, सरकार न्याय करेगी”

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नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी द्वारा हाल ही में जारी किए गए सरेंडर प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए CM साय ने साफ कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—“नक्सली हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें, सरकार उनके साथ पूर्ण न्याय करेगी।”

उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है और इसके बाद बस्तर में तेजी से विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होगी। CM साय ने बताया कि नेल्लानार योजना के जरिए सुदूर इलाकों में विकास का बड़ा ढांचा खड़ा किया जा रहा है। साथ ही नए उद्योग नीति में होम स्टे, कृषि एवं पर्यटन को बढ़ावा देकर बस्तर को आर्थिक मजबूती देने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।


नक्सलियों का नया प्रस्ताव—15 फरवरी 2026 तक समय मांगा

नक्सलियों के प्रवक्ता अनंत द्वारा छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के नाम जारी पत्र में कहा गया है कि संगठन सरकार के सामने हथियार डालने और पुनर्वास योजना स्वीकार करने के लिए तैयार है।
उन्होंने 15 फरवरी 2026 तक का समय मांगा है, ताकि केंद्रीय कमेटी अपने सभी जोन और कैडरों से राय लेकर अंतिम निर्णय कर सके।

पत्र में कहा गया है कि सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर अगली प्रेस रिलीज के जरिए हथियार डालने की तय तारीख घोषित की जाएगी।


संघर्ष पर “अस्थायी विराम” का निर्णय

प्रवक्ता अनंत ने जानकारी दी कि केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड सोनू दादा ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी तौर पर रोकने का फैसला लिया है।
इस निर्णय का समर्थन CCM सतीश दादा और CCM चंद्रन्ना ने भी किया है।

संगठन का कहना है कि आंतरिक जनवादी प्रक्रिया के चलते सभी कैडरों तक संदेश पहुंचाने में समय लगेगा, इसलिए 15 फरवरी तक का समय आवश्यक है।


एंटी-नक्सल ऑपरेशन रोकने की अपील

पत्र में नक्सलियों ने सरकार से अनुरोध किया है कि—

  • एंटी-नक्सल ऑपरेशंस पर फिलहाल रोक लगाई जाए

  • मुखबिर आधारित ऑपरेशन न चलाए जाएं

  • रेडियो पर उनका संदेश प्रसारित किया जाए ताकि जंगलों में मौजूद साथियों तक सूचना पहुंच सके

उनका तर्क है कि दूर-दराज क्षेत्रों में रेडियो ही विश्वसनीय माध्यम है, जिससे वे बाहरी दुनिया से अपडेट रह पाते हैं।


पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से मिलने की इच्छा

नक्सली समिति ने यह भी लिखा है कि उन्हें बीच की अवधि में—

  • कुछ पत्रकारों

  • जनप्रतिनिधियों

  • और यूट्यूबर पत्रकारों

से मिलने का अवसर दिया जाए, ताकि बातचीत के जरिए सरेंडर की तारीख तय की जा सके और प्रक्रिया को तेज किया जा सके। उन्होंने मध्यस्थों से भी सरकार और संगठन के बीच संवाद बढ़ाने की अपील की है।


CM साय का दो टूक संदेश

CM साय ने कहा,
“हमारी सरकार शांति चाहती है, विकास चाहती है। नक्सली हिंसा छोड़ें, मुख्यधारा में आएं—सरकार उनके साथ न्याय करेगी।”

उन्होंने दोहराया कि बस्तर अब विकास की नई राह पर है और नक्सलवाद खत्म होने के बाद यह क्षेत्र तेजी से बदलने वाला है।

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