IND vs SA Test: ‘किसी को हल्के में नहीं ले सकते…’ ऋषभ पंत ने बताई टीम इंडिया की हार की सबसे बड़ी वजह

Spread the love

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज में भारत को क्लीन स्वीप झेलना पड़ा और इसके बाद स्टैंड-इन कप्तान ऋषभ पंत ने टीम की हार का स्पष्ट कारण बताया। शुभमन गिल की चोट के चलते कप्तानी संभालने वाले पंत ने माना कि भारत ने पूरे मैच और सीरीज में मिले मौकों को भुनाया नहीं और यही चूक टीम को भारी पड़ गई। पोस्ट-मैच बातचीत में पंत ने साफ कहा कि विपक्ष ने बेहतर क्रिकेट खेला, लेकिन भारतीय टीम की कमजोरियां भी उतनी ही उजागर हुईं।

पंत ने कहा, “उन्होंने हमसे अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन क्रिकेट में किसी भी चीज़ को हल्के में नहीं लिया जा सकता। चाहे घरेलू मैदान हो या विदेशी पिच, खेल हमेशा अतिरिक्त मेहनत और दृढ़ता मांगता है। मैच के दौरान कई ऐसे अवसर थे जिनका फायदा उठाया जा सकता था, लेकिन हम लंबे समय तक ऐसा नहीं कर पाए और इसकी कीमत पूरी सीरीज गंवाकर चुकानी पड़ी।” पंत के इस बयान ने साफ संकेत दिया कि टीम की लय और रणनीति दोनों ही कुछ समय से अस्थिर दिखाई दे रही हैं।

गुवाहाटी टेस्ट भारत के हाथ में आया मैच कैसे फिसला, इसका जवाब आंकड़ों में दिखता है। दक्षिण अफ्रीका 246/6 पर संघर्ष की स्थिति में था, लेकिन भारतीय गेंदबाज निर्णायक प्रहार करने में नाकाम रहे। प्रोटियाज़ ने दबाव से बाहर निकलते ही पलटवार किया और 489 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। इसके बाद भारत पूरी तरह मैच से बाहर होता चला गया। जवाब में 549 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी दिन जीवनदान मिलने के बावजूद मौके नहीं भुनाए। सुदर्शन और कुलदीप यादव दोनों को कैच छोड़कर मिले मौके मिले, लेकिन टिक नहीं सके। अंत में टीम 140 रन पर सिमट गई। यह हार रनों के लिहाज से भारत की टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी पराजय बनी—408 रन से।

यह पराजय इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि भारत ने अपने घरेलू मैदान पर एक दशक से अधिक समय तक लगातार दबदबा बनाए रखा था। लेकिन पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से क्लीन स्वीप करके 12 सालों की 17 लगातार घरेलू सीरीज जीत का सिलसिला तोड़ा। अब दक्षिण अफ्रीका ने घर पर भारतीय टीम को फिर से कमजोर स्थिति में ला दिया है, और यह संकेत है कि बदलाव की ज़रूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है।

पंत ने टीम को एकजुट रहने की सलाह देते हुए कहा, “यह हार निराशाजनक है, लेकिन हमें इससे सीखकर और मजबूत होकर लौटना होगा। विपक्ष ने अच्छी क्रिकेट खेली, इसका श्रेय उन्हें देना चाहिए। इस कठिन समय में ज़रूरत से ज्यादा सोचने से फायदा नहीं होता। जरूरी है कि हम टीम के रूप में साथ रहें और अगली चुनौती के लिए तैयार हों।”

टीम इंडिया जिस दौर से गुजर रही है, वहां संयम, स्थिर रणनीति और मौकों को भुनाने की क्षमता ही उसे दोबारा पटरी पर ला सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि भारतीय टीम आगे के मुकाबलों में कैसे वापसी करती है और क्या वह अपनी पुरानी छवि को दोबारा हासिल कर पाती है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *