सर्दियों के मौसम में काली मिर्च का उपयोग अचानक बढ़ जाता है। चाय और काढ़े से लेकर सब्जियों तक, यह हर रसोई का अहम स्वाद और औषधीय तत्व है। लेकिन मांग बढ़ते ही बाजार में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और असली काली मिर्च की जगह सिंथेटिक बीज, पपीते के बीज या रंगे हुए नकली दाने बेचने लगते हैं। देखने में यह नकली दाने इतने असली जैसे लगते हैं कि आम लोगों के लिए पहचानना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप खुद यह जांच सकें कि आपके घर की काली मिर्च असली है या उसमें किसी तरह की मिलावट छिपी हुई है।
काली मिर्च की पहचान का सबसे आसान तरीका पानी है। एक गिलास पानी में कुछ दाने डालने भर से फर्क साफ दिखने लगता है। असली काली मिर्च हल्की होती है और ऊपर तैरती है, जबकि नकली या मिलावटी दाने वजनदार होने के कारण नीचे बैठ जाते हैं। इसके बाद टेक्सचर भी बहुत कुछ बता देता है। असली काली मिर्च ठोस और कठोर होती है, जिसे उंगलियों से दबाने पर आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता। इसके उलट नकली दाने नरम, पाउडर जैसे और दबाते ही टूट जाने वाले होते हैं।
अगर काली मिर्च को लेकर अब भी शक हो तो कट टेस्ट बहुत कारगर है। एक दाने को चाकू से काटें, असली दाना अंदर से ऑफ-व्हाइट रंग का दिखाई देगा, जबकि मिलावटी दाने का रंग अंदर तक काला पाया जाता है या कुछ दाने तो खोखले भी निकल आते हैं। सुगंध भी एक मजबूत संकेत है। असली काली मिर्च की महक तेज, गर्माहट भरी और प्राकृतिक होती है, जबकि नकली दानों में या तो महक होती ही नहीं या बेहद हल्की होती है, जिससे उनका भेद तुरंत खुल जाता है।
अंत में रंग का टेस्ट सबसे आसान तरीका माना जाता है। कुछ दानों को सफेद पेपर पर हल्के से रगड़ें—असली काली मिर्च से कोई रंग नहीं निकलता, लेकिन नकली या रंगी हुई काली मिर्च का काला रंग पेपर पर साफ उतर आता है। यह तुरंत बताता है कि दानों को रंगकर बेचा जा रहा है।
सर्दियों में अपनी रसोई और सेहत की सुरक्षा के लिए काली मिर्च की गुणवत्ता की पहचान सीखना बेहद जरूरी है। कुछ सरल घरेलू तरीकों से आप आसानी से असली और नकली का अंतर जान सकते हैं और मिलावटखोरी के इस बढ़ते खतरे से स्वयं को बचा सकते हैं।