दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल HP ने एक बार फिर बड़े स्तर पर वर्कफोर्स में कमी का फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अगले कुछ वर्षों में 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। यह प्रक्रिया फिस्कल ईयर 2028 के अंत तक पूरी होगी। HP का कहना है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लागत पर दबाव बढ़ा है, इसलिए कंपनी को अपने ऑपरेशंस को दुबारा व्यवस्थित करने, खर्च कम करने और AI तकनीक पर फोकस बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई है। इसी रणनीति के तहत कंपनी को लगभग 1 बिलियन डॉलर यानी 8,927 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।
इस समय HP के पास करीब 58,000 कर्मचारी कार्यरत हैं और CEO एनरिके लोर्स के मुताबिक छंटनी का सबसे बड़ा असर प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट टीमों पर पड़ेगा। इसी साल की शुरुआत में भी HP ने 1,000 से 2,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग, खासकर डेटा सेंटर सेक्टर में, HP, डेल और एसर जैसी कंपनियों के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। मोर्गन स्टैनली ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यह बढ़ा हुआ खर्च इन कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को सीधे प्रभावित करेगा।
HP का कहना है कि PC सेल्स का सकारात्मक चक्र भी मेमोरी चिप्स के बढ़ते खर्च को कवर नहीं कर पा रहा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि साल के पहले हाफ में इन्वेंटरी के कारण कुछ राहत रहेगी, लेकिन दूसरे हाफ में चुनौती और बढ़ सकती है। इसके अलावा, नॉर्थ अमेरिका के लिए प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग चीन से बाहर शिफ्ट की जा रही है ताकि टैरिफ के असर को कम किया जा सके। लोर्स का कहना है कि कंपनी ज्यादा मेमोरी सप्लायर्स जोड़ रही है और जहां संभव हो वहां मेमोरी को कम करने की रणनीति अपना रही है।
कंपनी की हालिया वित्तीय रिपोर्ट बताती है कि फिस्कल फोर्थ क्वार्टर में HP की सेल्स 4.2% बढ़कर 14.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। PC यूनिट की कमाई 8% ऊपर गई है क्योंकि बाज़ार में AI PCs और विंडोज़ 11 मशीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। Q4 में आए AI-पावर्ड PCs ने कुल शिपमेंट का 30% से अधिक हिस्सा संभाला। हालांकि, प्रिंटर यूनिट की सेल्स 4% गिरकर 4.27 बिलियन डॉलर रह गई। एडजस्टेड प्रॉफिट प्रति शेयर 93% रहा, जो अनुमान से थोड़ा बेहतर था।
तीन साल पहले भी HP ने इसी स्तर की छंटनी की थी—तब 6,000 कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी और कंपनी ने 2.2 बिलियन डॉलर से अधिक की सेविंग दर्ज की थी। वर्तमान प्लान के तहत 650 मिलियन डॉलर के रिस्ट्रक्चरिंग चार्जेस दर्ज किए जाएंगे, जिसमें FY26 में 250 मिलियन डॉलर का खर्च शामिल है। कंपनी का अनुमान है कि पूरे साल का एडजस्टेड प्रॉफिट $2.90 से $3.20 प्रति शेयर रहेगा, जबकि एनालिस्ट्स ने $3.32 का अनुमान लगाया था।
टेक सेक्टर में छंटनी की लहर लगातार जारी है। अमेज़न ने हाल ही में 14,000 से अधिक कॉर्पोरेट जॉब्स खत्म की हैं, मेटा ने भी AI ऑपरेशंस में सैकड़ों पदों को बंद किया, और एप्पल ने भी अपनी सेल्स डिवीजन में कई कर्मचारियों को पिंक स्लिप दी है। HP की यह छंटनी भी उसी वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा है, जिसमें कंपनियाँ महामारी के दौरान हुई अतिरिक्त हायरिंग को अब धीरे-धीरे कम कर रही हैं।
भविष्य को लेकर एनरिके लोर्स का कहना है कि AI इनोवेशन कंपनी के लिए अब कोर रणनीति बन चुका है। PC सेगमेंट में मजबूत मांग दिख रही है, लेकिन मेमोरी चिप्स की चुनौती आगे भी बनी रहेगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर कीमतों में नियंत्रण नहीं हुआ तो HP के प्रॉफिट मार्जिन दबाव में रहेंगे। हालांकि, कंपनी का विश्वास है कि एग्रेसिव कॉस्ट कटिंग और AI फोकस उसे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखेगा।