AIBE 20 Exam 2025: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए, अभ्यर्थियों से समय पर पालन की अपील

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ऑल इंडिया बार परीक्षा 2025 को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आधिकारिक रूप से यह घोषणा कर दी है कि AIBE-20 का आयोजन आगामी 30 नवंबर 2025 को देशभर में एक साथ होगा। परीक्षा प्रक्रिया को निर्बाध और सुव्यवस्थित बनाने के लिए परिषद ने विस्तृत गाइडलाइंस भी सार्वजनिक कर दी हैं, जिनका पालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य रहेगा। BCI ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश केवल वैध एडमिट कार्ड के साथ मूल पहचान पत्र दिखाने पर ही मिलेगा, और किसी भी तरह की ढिलाई पर उम्मीदवार को गेट से ही वापस लौटा दिया जाएगा।

परिषद ने यह भी सलाह दी है कि सभी अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने allotted सेंटर का स्थान और रूट चेक कर लें, ताकि परीक्षा वाले दिन किसी प्रकार की अफरा-तफरी या देरी की स्थिति उत्पन्न न हो। परीक्षा केंद्र पर सुबह 11:30 बजे तक पहुंचना अनिवार्य होगा, जबकि दोपहर 1:15 बजे के बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, चाहे कारण कुछ भी बताया जाए।

इस बार परीक्षा नियम पहले की तुलना में और अधिक कठोर कर दिए गए हैं। BCI ने यह साफ कर दिया है कि एग्ज़ाम हॉल के भीतर केवल Bare Acts ले जाने की अनुमति होगी, वह भी ऐसे संस्करण जिनमें कोई भी कमेंट्री, नोट्स, अंडरलाइनिंग या हाइलाइटिंग न हो। इसके अलावा किसी भी प्रकार की संदर्भ पुस्तकें, बाहरी सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, गैजेट या किसी संदेहास्पद वस्तु को अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, बैग, पर्स और सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक साधनों को बाहर ही जमा करना होगा।

BCI ने उत्तर पुस्तिका के लिए पेन के उपयोग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों को सिर्फ नीले या काले बॉल प्वाइंट पेन का ही उपयोग करने की अनुमति होगी। पेंसिल का उपयोग करते ही उत्तर पत्रक अमान्य माना जाएगा और छात्र को तत्काल परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत का प्रावधान भी जोड़ा गया है। जिन उम्मीदवारों की दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है, उन्हें प्रत्येक घंटे के लिए अतिरिक्त 20 मिनट का समय दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए मान्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है, अन्यथा अतिरिक्त समय का लाभ नहीं दिया जाएगा।

परीक्षा उपस्थिति को इस बार ‘प्रोविजनल’ माना जाएगा, यानी अंतिम पात्रता की जांच परीक्षा के बाद की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार की पात्रता दस्तावेज़ों में कोई विसंगति पाई जाती है, तो परिणाम तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि नकल के प्रयास या किसी अनुचित गतिविधि में शामिल पाए जाने पर परीक्षा से सीधा निष्कासन और भविष्य में कार्रवाई का प्रावधान लागू होगा।

AIBE 20 का सिलेबस इस वर्ष भी अत्यंत व्यापक रखा गया है। इसमें संवैधानिक कानून से लेकर नई भारतीय न्याय संहिता, भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया, नई नागरिक सुरक्षा संहिता, सिविल प्रक्रिया संहिता, साक्ष्य कानून और उसका नया रूप शामिल है। इसके अतिरिक्त ADR, फैमिली लॉ, जनहित याचिकाएं, प्रशासनिक कानून, प्रोफेशनल एथिक्स तथा BCI नियम, कंपनी कानून, पर्यावरण कानून, साइबर कानून, श्रम एवं औद्योगिक कानून, टॉर्ट, टैक्सेशन, कॉन्ट्रैक्ट, प्रॉपर्टी, Specific Relief और Negotiable Instruments जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय भी सिलेबस में शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण तथा बौद्धिक संपदा कानून भी परीक्षा के प्रमुख हिस्से होंगे।

AIBE की यह परीक्षा उन कानून स्नातकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो देश में वकालत का प्रमाणपत्र प्राप्त कर पेशेवर प्रैक्टिस शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में BCI द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन ही उम्मीदवारों के लिए सफल परीक्षा अनुभव की कुंजी है।

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