सोने-चांदी के बाजार में शुक्रवार, 28 नवंबर की सुबह जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 10 ग्राम सोना आज 609 रुपए महंगा होकर 1,26,666 रुपए पर पहुंच गया है। गुरुवार को यही सोना 1,26,057 रुपए के स्तर पर था। वहीं चांदी भी तेजी के साथ 1,619 रुपए उछली और 1,64,286 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि कल इसका भाव 1,62,667 रुपए था। सोने ने 17 अक्टूबर को 1,30,874 रुपए और चांदी ने 14 अक्टूबर को 1,78,100 रुपए का अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ था।
देश के अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के भाव हर दिन थोड़ा अलग दिखाई देते हैं। इसका कारण यह है कि IBJA द्वारा जारी की गई कीमतों में तीन प्रतिशत GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए दुकानों और शहरों के हिसाब से इन पर अलग-अलग लागत जुड़ती है। पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बड़े बैंक गोल्ड लोन की दरें तय करने के लिए इन्हीं IBJA प्राइस को मानक मानते हैं।
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल दर्ज हुआ है। साल 2024 के अंत में यानी 31 दिसंबर को 24 कैरेट सोने का भाव 76,162 रुपए था, जो बढ़कर अब 1,26,666 रुपए हो चुका है। यानी पूरे साल में सोना करीब 50,500 रुपए महंगा हो गया। इसी तरह चांदी का भाव भी जबरदस्त उछाल के साथ 86,017 रुपए प्रति किलो से बढ़कर अब 1,64,286 रुपए तक पहुंच गया है। यानी चांदी लगभग 78,000 रुपए प्रति किलो महंगी हुई है। घरेलू और ग्लोबल मार्केट में लगातार बदलते आर्थिक संकेतक, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर-रुपया समीकरण इस तेजी को और ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
सोना खरीदते समय हमेशा दो बातों का ध्यान रखना जरूरी रहता है। पहली—सिर्फ BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, क्योंकि यही प्रमाणित करता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता में कोई कमी नहीं है। हॉलमार्क नंबर आमतौर पर अल्फान्यूमेरिक होते हैं, जैसे AZ4524। दूसरी—सोने की कीमत की सही जानकारी खरीदारी के दिन IBJA जैसे भरोसेमंद स्रोतों से क्रॉस चेक करें, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट के हिसाब से सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं और दुकान पर मेकिंग चार्ज व GST के कारण दरें और बदल जाती हैं।
तेजी के इस दौर में सोना और चांदी दोनों निवेशकों के लिए फिर से सुरक्षित विकल्प बनते दिख रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में भी इनके भाव में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में दोनों धातुएं मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।