Bike Tips: किक-स्टार्ट फंस जाए तो बाइक ऐसे होगी चालू, आसान उपाय जो तुरंत काम आएंगे

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आजकल ज़्यादातर बाइकों में सेल्फ-स्टार्ट मौजूद होता है, लेकिन जैसे ही बैटरी बैठ जाए, स्टार्टर मोटर जवाब दे दे या फिर किसी इलेक्ट्रिकल समस्या की वजह से सेल्फ काम न करे, उस वक्त पूरा भरोसा किक-स्टार्ट पर ही टिक जाता है। मुश्किल तब बढ़ती है जब किक-स्टार्ट भी जाम हो जाए या नीचे तक दबे ही नहीं। यह समस्या अक्सर पुरानी बाइकों में, लंबे समय से सर्विस न कराने पर या बारिश के मौसम में गंदगी जमने की वजह से होती है। नए राइडर्स ऐसे समय में घबरा जाते हैं, जबकि ज़्यादातर मामलों में ये समस्या मामूली होती है और थोड़ी समझदारी से तुरंत ठीक भी हो जाती है।

सबसे पहले बाइक को हल्के-से गियर में डालकर आगे-पीछे हिलाने की कोशिश करनी चाहिए। जब इंजन बंद हो और बाइक दूसरे या तीसरे गियर में हो, तो हल्का धक्का देने से किक मैकेनिज्म में फंसे गियर अपनी पोजीशन में आ जाते हैं। खासकर बाइक को पीछे की ओर धकेलना ज़्यादा असरदार माना जाता है, क्योंकि इससे अंदर का रैचेट मैकेनिज्म आसानी से घुम जाता है और किक फिर से मूव होने लगता है।

कई बार समस्या सिर्फ लुब्रिकेशन की कमी की वजह से भी पैदा होती है। गंदगी, कीचड़, पानी या पुरानी चिकनाहट सूख जाने पर किक लीवर जाम महसूस होता है। ऐसी स्थिति में WD-40 जैसे स्प्रे को किक शाफ्ट के आसपास छिड़ककर लीवर को धीरे-धीरे चलाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ब्रेक पैडल, फुटरेस्ट, जूदों का सोल या कोई बाहरी चीज किक की रेंज में आकर उसे रोक तो नहीं रही। ज़्यादातर मामलों में इतनी सी सफाई से ही किक फिर से स्मूद होने लगती है।

अगर ये आसान उपाय असर नहीं दिखाते, तो शक इंजन की स्थिति पर जाता है। शुरुआती जांच के लिए स्पार्क प्लग को बाहर निकालें, बाइक को एक गियर में डालें और पीछे के पहिये को घुमाने की कोशिश करें। अगर पहिया आसानी से न घूमे, तो इंजन के सीज होने की आशंका बनती है, जो कम तेल, ओवरहीटिंग या आंतरिक नुकसान के कारण होता है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की खुद से मरम्मत जोखिम भरी हो सकती है और सीधा मैकेनिक की मदद लेना ही बेहतर होता है।

कई बार दिक्कत किक-स्टार्ट के अपने मैकेनिकल पार्ट्स में होती है। अंदर मौजूद गियर्स, स्प्रिंग्स या रैचेट समय के साथ घिस जाते हैं या टूट जाते हैं। ऐसी खराबी ठीक करने के लिए इंजन केस खोलना पड़ता है, जो केवल अनुभवी मैकेनिक ही कर सकता है। घरेलू स्तर पर इसे ठीक करना लगभग असंभव होता है।

भविष्य में ऐसी असुविधा से बचने के लिए नियमित मेंटेनेंस सबसे बड़ा उपाय है। समय पर इंजन ऑयल बदलना, किक लीवर को साफ और लुब्रिकेटेड रखना और चाहें आपकी बाइक में सेल्फ-स्टार्ट हो, फिर भी समय-समय पर किक का इस्तेमाल करते रहना बाइक की मैकेनिकल लाइफ को लंबा बनाता है। थोड़ी-सी रूटीन देखभाल आपकी बाइक को हमेशा स्मूद, भरोसेमंद और मुश्किल वक्त में साथ निभाने लायक बनाए रखती है।


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