सर्दियों की ठंडक जब चारों तरफ बिखरी होती है, तब भी आपका गार्डन अगर रंगों से खिल सकता है तो यह किसी जादू से कम नहीं लगता। यही जादू सर्दियों में खिलने वाले कुछ खास फूल-पौधों के जरिए आसानी से पाया जा सकता है। ठंड और धुंध के बीच भी ये पौधे अपनी अलग चमक बनाए रखते हैं और आपके गार्डन को ऐसा रूप देते हैं कि हर देखने वाला रुककर एक बार जरूर निहार ले। कम धूप, कम पानी और हल्की देखभाल में भी ये फूल अपनी ताजगी बनाए रखते हैं, इसलिए विंटर सीजन इन्हें लगाने का बेहतरीन समय माना जाता है।
गेंदा उन फूलों में से है जो हर सर्दी में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाता है। इसके नारंगी और पीले रंग ठंडी सुबहों में भी धूप जैसा एहसास दिला देते हैं। त्योहारों की सजावट हो या गार्डन का कोई कोना, गेंदा हर जगह अपनी जगह बनाना जानता है। इसके साथ पेटूनिया की बात आने पर रंगों का पूरा इंद्रधनुष जैसे आपके गमलों में उतर आता है—गुलाबी, बैंगनी, सफेद और लाल। हल्की धूप में यह और भी ज्यादा निखरकर आता है और लटकते गमलों में तो इसकी सुंदरता देखते ही बनती है।
डहलिया का जिक्र किए बिना सर्दियों के बगीचे की कल्पना अधूरी है। इसकी बड़ी पंखुड़ियां और आकर्षक आकार किसी भी स्पेस को तुरंत भव्यता दे देते हैं। वहीं पैंसी की मुस्कुराती हुई पंखुड़ियां ठंड के मौसम में जैसे किसी छोटे कैनवस पर रंग भरी तरह खिल उठती हैं। ये बॉर्डर, पॉट्स या बेड—हर जगह बराबर शोभा बढ़ाती हैं।
अगर बात गुलाब की हो तो सर्दियों की सुबहें अपने आप रोमांटिक हो जाती हैं। हल्की धूप, नियमित पानी और थोड़ी देखभाल में गुलाब पूरे मौसम अपनी महक और रंगत बिखेरते रहते हैं। इसी तरह स्नैपड्रैगन की लंबी, सीधी खड़ी फूलों की लाइनें गार्डन में वर्टिकल ब्यूटी का एहसास लाती हैं और दूर से ही ध्यान खींच लेती हैं। जेरैनियम उन पौधों में है जो कम पानी में भी खूब फबते हैं और अपनी हल्की खुशबू से वातावरण को ताजगी से भर देते हैं।
इन सभी पौधों की खूबी यही है कि ये ठंड के मौसम में भी लगातार खिलकर गार्डन को चमकदार, ताज़ा और जीवंत बनाए रखते हैं। हर पौधा अपनी तरह से गार्डन के मूड को बदल देता है और सर्दियों की नीरसता को रंगों की चमक में बदल देता है।