“टमाटर कच्चा या पका—किसमें ज्यादा पोषण? जानिए कौन-सा तरीका आपकी सेहत के लिए सबसे फायदेमंद”

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टमाटर हर भारतीय रसोई की धड़कन है, लेकिन इसके सेवन को लेकर सबसे बड़ा सवाल हमेशा यही रहता है—इसे कच्चा खाया जाए या पकाकर? दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही तरीकों से टमाटर शरीर को अलग-अलग पोषण देता है। एक तरफ कच्चा टमाटर विटामिन C और फाइबर का ठोस स्रोत है, वहीं दूसरी तरफ पकाने पर इसमें मौजूद लाइकोपीन कई गुना बढ़ जाता है, जो हार्ट और स्किन हेल्थ के लिए बेहद खास माना जाता है। यही वजह है कि सही तरीका आपकी जरूरत तय करती है, न कि एक ही विकल्प।

कच्चा टमाटर खाने पर विटामिन C का स्तर सबसे ऊंचा रहता है। यह पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने, कोलेजन निर्माण में मदद करने और फ्री-रैडिकल्स से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। चूंकि पकाने पर विटामिन C काफी हद तक कम हो जाता है, इसलिए अगर आपका लक्ष्य प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है या शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देना है, तो सलाद, सैंडविच या किसी हल्की डिश में कच्चा टमाटर सबसे कारगर विकल्प है। फाइबर की मौजूदगी पाचन तंत्र को सक्रिय रखती है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करती है।

दूसरी ओर पका हुआ टमाटर बिल्कुल अलग तरह से फायदा करता है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन कच्ची अवस्था में शरीर द्वारा कम अवशोषित होता है, लेकिन पकते ही उसकी बायोअवेलेबिलिटी कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि टमाटर की सब्जी, सूप या ग्रेवी हार्ट के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। पकाने पर बनने वाले एंटीऑक्सीडेंट कम्बिनेशन स्किन को ग्लो देता है, सूजन कम करता है और आंखों के लिए जरूरी बीटा-कैरोटीन का स्तर भी बढ़ाता है।

अगर यह सवाल उठे कि कौन-सा तरीका सबसे बेहतर है, तो जवाब आपकी सेहत की प्राथमिकताओं में छिपा है। विटामिन C और फाइबर चाहिए तो कच्चा टमाटर सही रहेगा। लेकिन अगर लक्ष्य स्किन, आंखों और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करना है तो पके हुए टमाटर का सेवन ज्यादा उपयुक्त है। विशेषज्ञों की सलाह यही है कि डाइट में दोनों रूपों को शामिल किया जाए—सलाद में कच्चा और खाना पकाते समय पका हुआ—ताकि फायदा दोगुना और पोषण संतुलित मिले।

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