लगातार दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी दबाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 9 दिसंबर को भारतीय बाजार की शुरुआत एक बार फिर कमजोरी के साथ हुई और BSE Sensex करीब 650 अंक गिरकर 84,450 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 में भी करीब 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह फिसलकर 25,750 के आसपास पहुंच गया। बीते दो दिनों में सेंसेक्स कुल मिलाकर 1,250 अंकों से ज्यादा टूट चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि सिर्फ दो शेयरों में मामूली तेजी रही। सबसे ज्यादा दबाव Asian Paints के शेयर पर देखा गया, जिसमें करीब 3.5 फीसदी तक की गिरावट आई। ऑटो, IT और मीडिया जैसे सेक्टरों में भी 2 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार की समग्र धारणा बेहद नकारात्मक बनी हुई है।
बाजार में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण नजर आ रहे हैं। सबसे अहम वजह अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है, जिसने वैश्विक स्तर पर निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा भारत के चावल निर्यात पर अमेरिका की ओर से भारी टैरिफ लगाए जाने की आशंका भी बाजार पर दबाव बना रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के इस संकेत से यह डर गहराया है कि भारतीय निर्यात सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो वहां भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi गिरावट के साथ बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग का Hang Seng Index और चीन का Shanghai Composite भी कमजोरी के साथ ट्रेड करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी सोमवार को दबाव देखा गया, जहां Dow Jones गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं Nasdaq Composite और S&P 500 में भी कमजोरी दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। 8 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कैश सेगमेंट में करीब 780 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने इस दौरान लगभग 2,460 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर के पहले छह कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक अब तक 10,900 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं। वहीं इसी दौरान घरेलू निवेशकों ने करीब 21,900 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिल रहा है। नवंबर महीने में भी विदेशी निवेशकों ने करीब 17,500 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जबकि घरेलू निवेशकों ने 77,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की थी।
गौरतलब है कि सोमवार, 8 दिसंबर को भी बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स 610 अंक टूटकर 85,103 पर बंद हुआ था और निफ्टी 226 अंक गिरकर 25,961 के स्तर पर पहुंच गया था। उस दिन भी सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए थे और BEL, Trent तथा Zomato जैसे शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली थी। निफ्टी के 50 में से 47 शेयर लाल निशान में बंद हुए थे, जबकि रियल्टी, मीडिया, PSU बैंक और हेल्थकेयर सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे थे।
दो दिन के भीतर आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है। बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की चाल और अमेरिका से जुड़े फैसलों पर टिका हुआ नजर आ रहा है, जिससे आगे भी उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।