संतरा एक ऐसा फल है जिसे लोग चाहे बाजार से लाकर खाएं या फिर बगीचे से तोड़कर, उसकी ताजगी और खुशबू हर मौसम में मन मोह लेती है। अब किचन गार्डनिंग का चलन बढ़ रहा है और लोग फलों के पौधे भी अपने घरों की बालकनी, छत और छोटे-छोटे कोनों में उगाने लगे हैं। इन्हीं में संतरा सबसे लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है, क्योंकि यह पौधा न केवल सुंदर दिखता है बल्कि सीमित जगह में भी आसानी से बढ़ जाता है। थोड़ी देखभाल और सही तरीके से लगाया जाए तो घर का गमला भी संतरे के छोटे-छोटे फलों से भर सकता है।
संतरे की पौध को लगाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है सही गमले और मिट्टी का चुनाव। आम तौर पर 14 से 16 इंच का गहरा गमला इस पौधे के लिए पर्याप्त माना जाता है। मिट्टी का मिश्रण भी संतुलित होना चाहिए—ऐसी मिट्टी जो पौधे को पोषण दे और पानी को रुकने न दे। गार्डन सॉइल, रेत और ऑर्गेनिक खाद का मिश्रण संतरे के पौधे को मजबूत जड़ें देता है और बढ़ने में मदद करता है।
संतरे को बीज से भी उगाया जा सकता है, लेकिन बीज वाले पौधे में फल आने में कई साल लग जाते हैं। इसलिए अधिकांश लोग नर्सरी से ग्राफ्टेड प्लांट चुनते हैं, जो जल्दी बढ़ते हैं और एक-दो साल में फल देना भी शुरू कर देते हैं। अगर घर में फल जल्दी देखना चाहते हैं, तो ग्राफ्टेड पौधा ही सबसे बेहतर माना जाता है।
इस पौधे के विकास में धूप की अहम भूमिका है। संतरा धूप का प्रेमी पौधा है, इसलिए इसे रोजाना पांच से छह घंटे सीधी धूप अवश्य मिलनी चाहिए। यदि आपकी बालकनी में धूप कम आती है, तो पौधे को दिन में कुछ समय के लिए ऐसी जगह रखा जा सकता है जहाँ सीधी धूप उपलब्ध हो। धूप जितनी अच्छी मिलेगी, पौधा उतना ही तेज़ी से बढ़ेगा और फलने की क्षमता भी मजबूत होगी।
संतरा पानी के मामले में थोड़ा नखरीला भी है। मिट्टी अगर भीगी रहे तो पौधे की जड़ें जल्दी खराब हो सकती हैं। इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी थोड़ा सूखने लगे। गर्मियों में दो से तीन बार पानी देना पर्याप्त है, वहीं सर्दियों में हफ्ते में एक बार पानी देना ही काफी होता है। पौधे की जड़ों को सांस लेने दें—यही उसकी सेहत का राज है।
खाद संतरे की पौध में जान फूंक देती है। हर 30 से 40 दिन के अंतराल पर ऑर्गेनिक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट, बोन मील या नीम खली डालने से पौधा तेजी से बढ़ता है। जब उसमें फूल आना शुरू हों, तब पोटाश वाली खाद देने से पौधे को अतिरिक्त मजबूती मिलती है और फल भी अच्छी क्वालिटी के आते हैं।
घरेलू पौधों में कीड़े लगना स्वाभाविक है, लेकिन संतरे के पौधे को इनसे बचाना मुश्किल नहीं। पत्तों पर चिपचिपाहट, सफेद धब्बे या छोटे कीड़े नजर आएँ तो हल्का साबुन मिला पानी या नीम का तेल स्प्रे करने से पौधा फिर से साफ और स्वस्थ हो जाता है। हर 15 दिन में किया गया नीम ऑयल स्प्रे इस पौधे को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है।
संतरे का पौधा घर में न सिर्फ फल देता है, बल्कि पूरी बालकनी का माहौल बदल देता है। इसकी खुशबू, हरी-भरी पत्तियाँ और शाखाओं पर झूलते छोटे-छोटे संतरे घर के माहौल में ताजगी और रंग दोनों बिखेरते हैं। थोड़ी मेहनत और नियमित देखभाल के साथ यह पौधा आपके घर में छोटा सा संतरे का बाग़ बना सकता है।