भारत के तीन दिवसीय दौरे के दौरान लियोनल मेसी को हर शहर में अपार प्यार मिला, लेकिन मुंबई में जो दृश्य सामने आया, उसने खेल और समाज के रिश्ते को नई ऊंचाई दे दी। कोलकाता और हैदराबाद के बाद जब मेसी मुंबई पहुंचे, तो वानखेड़े स्टेडियम के बाहर जश्न का माहौल देखते ही बनता था। इसी उत्साह के बीच अचानक हजारों फैंस रुक गए और एक सुर में ‘थैंक यू… थैंक यू’ और ‘मुंबई पुलिस थैंक यू’ के नारे लगाने लगे। यह पल मेसी के भारत दौरे की सबसे भावुक और यादगार झलकियों में शुमार हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी भीड़ के बीच अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और फैंस खुले दिल से उनका आभार जता रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी के चेहरे पर उभरी मुस्कान और आंखों में झलकती खुशी ने इस पूरे दृश्य को और भी खास बना दिया। यह सिर्फ एक सुपरस्टार के स्वागत का नहीं, बल्कि अनुशासन, सहयोग और सम्मान का उत्सव था।
वानखेड़े के बाहर मेसी फैंस का रंग और जुनून हर तरफ दिखाई दे रहा था। ज्यादातर समर्थक अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में नजर आए, जबकि कई फैंस ने बार्सिलोना के रंग पहन रखे थे। यह नजारा मेसी के क्लब और अंतरराष्ट्रीय करियर की एक साथ झलक पेश कर रहा था। हर तरफ सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था—मेसी… मेसी।
GOAT टूर 2025 के मुंबई चरण से कई घंटे पहले ही मरीन ड्राइव से वानखेड़े तक फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा था। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस समुद्री रास्ते पर भारी भीड़ के बावजूद ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट काफी हद तक सुचारू रहा। यही वजह रही कि फैंस ने जश्न के बीच रुककर मुंबई पुलिस की सराहना की और उन्हें धन्यवाद कहा। इस दृश्य ने यह दिखा दिया कि जब व्यवस्था और उत्साह साथ चलते हैं, तो माहौल कितना खूबसूरत बन सकता है।
जैसे ही लियोनल मेसी वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे, पूरा स्टेडियम ‘मेसी… मेसी’ के नारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक मौके पर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। खेलों के दो दिग्गजों का एक मंच पर आना फैंस के लिए किसी सपने से कम नहीं था।
इस दौरान मेसी ने ‘प्रोजेक्ट महादेव’ का औपचारिक शुभारंभ भी किया। यह महाराष्ट्र सरकार की एक अहम पहल है, जिसका मकसद राज्य में जमीनी स्तर पर फुटबॉल को मजबूत करना और नई प्रतिभाओं को आगे लाना है। मेसी की मौजूदगी ने इस पहल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी और यह संदेश दिया कि खेल सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने की ताकत रखता है।
मुंबई में वानखेड़े के बाहर दिखा यह नजारा सिर्फ एक स्टार के स्वागत की कहानी नहीं था, बल्कि यह भारतीय खेल संस्कृति की उस खूबसूरत तस्वीर का हिस्सा बन गया, जहां जुनून, अनुशासन और आपसी सम्मान एक साथ नजर आए।