करेला सेहत के लिहाज़ से जितना फायदेमंद माना जाता है, उतना ही इसके कड़वे स्वाद की वजह से लोग इससे दूरी बना लेते हैं। डायबिटीज कंट्रोल करने से लेकर पाचन सुधारने तक, इसके गुण किसी से छिपे नहीं हैं, लेकिन कड़वाहट अक्सर इसे थाली से बाहर कर देती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों को अपनाकर करेले का तीखा स्वाद काफी हद तक कम किया जा सकता है और इसकी सब्जी को टेस्टी बनाया जा सकता है।
सबसे आसान और कारगर तरीका नमक का इस्तेमाल है। करेले को धोकर पतले टुकड़ों में काट लें और इनमें अच्छी मात्रा में नमक डालकर हाथों से मसलें। करीब 15 से 20 मिनट बाद करेलों से निकलने वाला कड़वा पानी निचोड़कर निकाल दें और फिर साफ पानी से धो लें। यह तरीका सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है और कड़वाहट कम करने में काफी असरदार माना जाता है।
खट्टे स्वाद का सहारा लेना भी एक बेहतरीन उपाय है। करेले को काटकर कुछ देर के लिए इमली के पानी या नींबू के रस में भिगो दिया जाए, तो इसका कड़वापन काफी हद तक बैलेंस हो जाता है। लगभग 10 मिनट तक भिगोने के बाद करेले से तीखापन कम हो जाता है और सब्जी का स्वाद बेहतर लगता है।
अगर कड़वापन बहुत ज्यादा हो, तो उबालने का तरीका अपनाया जा सकता है। इसके लिए हल्के नमक वाले पानी में करेले को करीब पांच मिनट तक उबाल लें और फिर पानी फेंक दें। इसके बाद जब आप सब्जी या भरवां करेला बनाएंगे, तो उसका स्वाद काफी नरम और संतुलित होगा। यह तरीका खासतौर पर भरवां करेले के लिए काफी उपयोगी माना जाता है।
सब्जी बनाते समय बेसन या दही का इस्तेमाल भी कड़वाहट को कम करने में मदद करता है। बेसन मिलाने से करेले की सब्जी कुरकुरी बनती है, वहीं दही ग्रेवी को संतुलित और स्वादिष्ट बना देता है। दोनों ही चीजें कड़वेपन को दबाकर खाने का मज़ा बढ़ा देती हैं।
इसके अलावा सही मसालों का चुनाव भी बहुत मायने रखता है। सौंफ, धनिया पाउडर, अमचूर और थोड़ी-सी गुड़ या चीनी डालने से करेले की सब्जी में अच्छा फ्लेवर आता है और कड़वाहट पीछे चली जाती है। इन छोटे-छोटे तरीकों को अपनाकर आप भी करेले की सब्जी को स्वाद और सेहत दोनों का परफेक्ट मेल बना सकते हैं।