लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 19 दिसंबर को शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की है। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स करीब 500 अंकों की छलांग लगाकर 85,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी 150 अंक चढ़कर 25,970 के आसपास पहुंच गया, जिससे बाजार में एक बार फिर सकारात्मक माहौल बन गया है।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जो बाजार की व्यापक मजबूती को दर्शाता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जोमैटो जैसे दिग्गज शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। निफ्टी की बात करें तो इसके 50 में से 47 शेयरों में मजबूती दर्ज की गई है। एनएसई के लगभग सभी सेक्टर्स में खरीदारी का माहौल है, जिसमें रियल्टी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा चमकते नजर आए हैं।
घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों से भी सहारा मिला है। एशियाई बाजारों में मजबूती का रुख बना हुआ है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स आधा फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा उछाल के साथ मजबूत स्थिति में है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स करीब 0.6 फीसदी की तेजी में बना हुआ है। अमेरिकी बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला था। 18 दिसंबर को डाउ जोन्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डेक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में अच्छी तेजी दर्ज की गई।
निवेशकों के रुझान पर नजर डालें तो घरेलू संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट बाजार को मजबूती दे रहा है। 18 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 596 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की। दिसंबर महीने में अब तक एफआईआई जहां 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं, वहीं डीआईआई ने 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर बाजार को संभाले रखा है। नवंबर के आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं, जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुकाबले घरेलू निवेशकों ने जोरदार खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया था।
इससे पहले गुरुवार, 18 दिसंबर को बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला था। सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ 84,482 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी मामूली कमजोरी के साथ 25,816 पर फिसला था। उस दिन ऑटो, फार्मा और एनर्जी शेयरों में दबाव दिखा था, जबकि आईटी और मेटल सेक्टर में हल्की मजबूती रही थी।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को बाजार की यह तेजी निवेशकों के बढ़ते भरोसे और घरेलू निवेशकों के मजबूत समर्थन को दर्शाती है। अगर वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और सेक्टोरल खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले सत्रों में बाजार की चाल और मजबूत हो सकती है।