दिवंगत अभिनेता Irrfan Khan की आखिरी फिल्म Angrezi Medium उनकी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर की गवाह रही। फिल्म की शूटिंग उस वक्त हुई, जब इरफान गंभीर कैंसर से लड़ रहे थे और असहनीय शारीरिक दर्द उनके रोज़मर्रा का हिस्सा बन चुका था। अब फिल्म की कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर Smriti Chauhan ने उस समय की सच्चाई साझा की है—एक ऐसा सच, जिसमें इरफान का समर्पण उनकी तकलीफों से कहीं बड़ा दिखाई देता है।
यूट्यूब चैनल ‘डिजिटल कॉमेंट्री’ के शो ‘अनफोल्डिंग टैलेंट’ में बातचीत के दौरान स्मृति चौहान ने बताया कि शूटिंग के साथ-साथ इरफान की तबीयत लगातार गिरती जा रही थी। उन्हें अक्सर ठंड लगती थी और दर्द इतना बढ़ जाता था कि वे सेट पर पहुंचने के लिए भी जूझते थे। लंदन से खास वॉर्मर्स मंगवाए गए, ताकि वे कैमरे के सामने थोड़ी राहत महसूस कर सकें। स्मृति के मुताबिक, जैसे-जैसे शूट आगे बढ़ा, इरफान का शरीर सिकुड़ता सा दिखने लगा, जिससे कपड़ों में अतिरिक्त पैडिंग करनी पड़ती थी। गर्म मौसम के सीन में भी उन्हें कई लेयर्स और पैडिंग वाले वेस्ट पहनाए गए—सिर्फ इसलिए कि वे कुछ पल सहज रह सकें।
बीमारी के कारण कई बार शूटिंग रद्द करनी पड़ी। ऐसे दिन भी आए, जब इरफान सेट तक पहुंच ही नहीं पाए। दर्द और कमजोरी के बीच काम करना बेहद मुश्किल था, लेकिन अभिनय के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ। परिवार के सदस्य अक्सर उनके साथ रहते, ज़रूरत पड़ने पर ब्रेक लिया जाता, और फिर वे उसी एकाग्रता के साथ कैमरे के सामने लौटते—जैसे अभिनय ही उनकी सांस हो।
Homi Adajania के निर्देशन में बनी इस फिल्म में Radhika Madan, Kareena Kapoor Khan, Deepak Dobriyal और Ranvir Shorey भी अहम भूमिकाओं में नज़र आए। ‘अंग्रेज़ी मीडियम’, 2017 की सुपरहिट ‘हिंदी मीडियम’ का सीक्वल थी—और इरफान के करियर का वह अध्याय, जिसने यह साबित किया कि सच्चा कलाकार दर्द के पार जाकर भी अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से जीता है।
टेलीविज़न से करियर शुरू करने वाले इरफान ने ‘सलाम बॉम्बे!’ से सिनेमा में कदम रखा और ‘द वॉरियर’, ‘मकबूल’, ‘पिकू’ और ‘द लंचबॉक्स’ जैसी फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘लाइफ ऑफ पाई’, ‘द अमेज़िंग स्पाइडर-मैन’ और ‘इन्फर्नो’ में भी उनकी अदाकारी सराही गई। लंबी बीमारी के बाद 2020 में उनका निधन हुआ—और ‘अंग्रेज़ी मीडियम’ उनकी आखिरी, मगर जज़्बे से भरी विरासत बन गई।
